शाहगंज के वेस्ट अर्जुन नगर में सोमवार दोपहर 12 बजे भगत सिंह (40) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपाचे बाइक पर आए दो हमलावरों ने उसके सिर में नजदीक से दो गोलियां मारीं। पुलिस उसे एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंची, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
अयोध्या कुंज, अर्जुन नगर निवासी भगत सिंह पर 12 जनवरी को भी जानलेवा हमला किया गया था। अपाचे बाइक पर आए तीन बदमाशों ने उसे गोली मारी थी। तब गोली कमर के पास लगी थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद से वह अपने दोस्त वेस्ट अर्जुन नगर निवासी बृजमोहन के घर में रह रहा था। वह दीवानी में एक अधिवक्ता के दफ्तर में मुंशी था। मगर, गोली लगने के बाद से काम पर नहीं जा रहा था। सुबह 12 बजे दोस्त के घर से अयोध्या कुंज जाने के लिए एक्टिवा स्कूटर से निकला था। 200 मीटर की दूरी पर बाल भारती स्कूल के पास उसने टर्न किया, बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रोक लिया। वहां से तकरीबन 300 मीटर की दूरी पर एयरफोर्स स्टेशन का गेट भी है। बदमाशों ने उसके सिर में दो गोलियां मारी और भाग निकले। वह गिर पड़ा। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग आ गए। सूचना पर पुलिस भी आ गई। भगत सिंह के पिता रोडवेज में कर्मचारी थे। तीन साल पहले उनकी मौत हो गई थी। मां की भी कई साल पहले मौत हो गई थी। परिवार में वह अकेला था। बृजमोहन के भतीजे जीतू ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर शाहगंज का कहना है कि हत्या के पीछे रंजिश की आशंका है।
जानलेवा हमले में जेल में बंद है मृतक का साढ़ू
12 जनवरी को हुए हमले के मामले में भगत ने डिफेंस एस्टेट निवासी अपने साढ़ू तालेवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस केस में भगत सिंह गवाह भी था। गोली लगने के बाद वह कोर्ट जाने की स्थिति में नहीं था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तालेवर तब से जेल में है। पुलिस का कहना है कि तालेवर से घटना के संबंध में पूछताछ की जाएगी। इस घटना के पीछे यही रंजिश भी मानी जा रही है।
भगत सिंह पर भी हत्या सहित दर्ज हैं पांच मुकदमे
इंस्पेक्टर शाहगंज ने बताया कि थाना रकाबगंज क्षेत्र में कई साल पहले एक युवक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले मेें भगत सिंह पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। वह जेल भी गया था। जमानत पर रिहा हुआ था। उसकी पत्नी ममता ने भी जानलेवा हमला, मारपीट का मुकदमा कई साल पहले दर्ज कराया था। इसके अलावा भी उसके खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं।
कई साल पहले छोड़कर चली गई थी पत्नी
इंस्पेक्टर का कहना है कि भगत सिंह को उसकी पत्नी कई साल पहले छोड़कर चली गई थी। वह बेटी को भी साथ ले गई थी। साढ़ू तालेवर ने ममता को कुछ दिन अपने घर पर रखा था। तब से ही भगत सिंह और तालेवर में विवाद चल रहा था। ममता अब बेटी के साथ मायके में रह रही है।