यमुना पार में शाहदरा की ओर बाइक से जा रहे नुनिहाई निवासी युवक राम अवतार (35) को कालेज बस की टक्कर लग जाने से उसकी मौकेपर ही मौत हो गई। इसकी सूचना पर समाजवादी एंबुलेंस और पुलिस के देरी से पहुंचने के चलते उसके परिवारीजन और पड़ोसियों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने रोड जाम कर दी। पुलिस पहुंची तो उससे भिड़ गए, पथराव किया। तीन ट्रक और बस के शीशे तोड़ दिए। बाद में पुलिस ने लाठी फटकारकर उन्हें तितर बितर किया। घटना 3:45 बजे हुई। राम अवतार बाइक से जा रहा था। तभी तेज गति से आती बस से उसे टक्कर लगी। बस फतेहपुर सीकरी के कौरई स्थित एक कालेज की बताई गई है। इस पर जेपी शर्मा कालेज लिखा है। आस पास के लोगों ने ड्राइवर को रोक लिया। मृतक का परिवार और पड़ोसी भी पहुंच गए। इन लोगों का कहना था कि 3:50 पर सूचना देने के 30 मिनट बाद समाजवादी एंबुलेंस आई और उसका ड्राइवर यह कहकर चला गया कि उनका काम घायलों को ले जाना है, मृतकों को नहीं। इसके 15 मिनट बाद पुलिस पहुंची। इस पर वे लोग भड़क गए। पुलिस से ही भिड़ गए। इसके बाद 10 लाख मुआवजे की मांग करने लगे। बस का ड्राइवर अपने मालिक से बात कर 50 हजार देने की बात करने लगा। इस पर प्रदर्शनकारियों ने बस के शीशे तोड़ दिए। वहां से गुजर रहे तीन ट्रकों में भी तोड़फोड़ कर डाली। बाद में पुलिस ने लाठी फटकारकर उन्हें खदेड़ा और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम हादसे का केस दर्ज कराया गया।
पिता की भी हादसे में हुई मौत
मजदूरी करने वाले राम अवतार के पिता कंवरपाल की सड़क हादसे में तीन साल पहले घर के पास ही नुनिहाई में मौत हो गई थी। उसके परिवार ने प्रशासन से कई बार गुजारिश की लेकिन उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। राम अवतार की मौत पर बवाल की एक वजह यह भी रही।
मां-बेटे ने जान देने की कोशिश की
मृतक रामअवतार की मां जिद्या देवी और उसके छोटे भाई ने बस के नीचे आकर जान देने की कोशिश की। उन्हें थानाध्यक्ष एत्माद्दौला ने बचाया। वे उन्हें बस के नीचे से खींच रहे थे, तभी बस चल पड़ी। थानाध्यक्ष की जान भी खतरे में पड़ गई थी। शोर मचने पर चालक ने बस रोक ली।