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बहन के प्रमाण पत्रों से यूपी पुलिस में पाई नौकरी, 'नाम' का उठाया फायदा, ऐसे हुआ खुलासा

Mon, 18 Mar 2019 05:00 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की सिपाही भर्ती में फर्जीवाड़े का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। वर्ष 2015 में मेरिट के आधार पर हुई सिपाही भर्ती में आगरा के युवक ने अपनी बहन के प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पा ली। 
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शिकायत होने पर जांच की गई तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इस खुलासे से पुलिस के अफसर भी दंग रह गए। अब आरोपी युवक समेत चार लोगों के खिलाफ थाना नाई की मंडी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

कागारौल के गांव बघा निवासी बाबी चाहर पुत्र लाखन सिंह के नाम से मेरिट के आधार पर भर्ती के लिए आवेदन किया गया था। वर्ष 2017 में युवक भर्ती हो गया। उसकी कन्नौज में ट्रेनिंग शुरू हो गई। इसी बीच किसी ने उसके खिलाफ शिकायत कर दी। 
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भाई ने फर्जी कागजात से पाई नौकरी

सीओ सिटी कन्नौज के सीयूजी नंबर पर शिकायत मिली कि युवक ने फर्जी कागजात की मदद से नौकरी पाई है। इस पर जांच शुरू हो गई। इसका पता चलने पर युवक प्रशिक्षण छोड़कर घर आ गया। मामले की जांच आगरा पुलिस को सौंपी गई। सीओ क्राइम प्रभात कुमार ने जांच शुरू की। 

इंस्पेक्टर थाना नाई की मंडी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बाबी चाहर अभ्यर्थी की बहन थी। उसके 10वीं और 12वीं के प्रमाण पत्र लगाकर युवक ने नौकरी ली थी। प्रारंभिक जांच पूरी होने पर थाना नाई की मंडी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

मामले में बहन बाबी चाहर, उसके भाई अवधेश उर्फ राहुल, पवन उर्फ भोलू और गांव के प्रधान सत्यपाल सिंह नामजद हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। हालांकि अभी यह पता नहीं चल सका है कि दस्तावेज किस भाई ने लगाए थे। 
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80 फीसदी अंक से किए हाईस्कूल-इंटर 

बाबी चाहर ने वर्ष 2012 में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गढ़ी चंद्रमन, अछनेरा से 10वीं की परीक्षा 80 फीसद अंकों के साथ पास की थी। वर्ष 2014 में अतर सिंह इंटर कॉलेज रोझौली, फतेहपुर सीकरी से 12वीं की परीक्षा भी 80 फीसद अंक से पास की।

अवधेश या पवन

बाबी चाहर के दो भाई हैं। एक अवधेश उर्फ राहुल और दूसरा पवन कुमार उर्फ भोलू है। पुलिस ने एक के बयान लिए हैं। पुलिस की जांच में यह अब तक सामने नहीं आ सका है कि दस्तावेज अवधेश ने लगाए या फिर पवन कुमार ने। 
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