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यमुना में दो बालक डूबे, चार को बचाया

Sun, 12 Jul 2015 02:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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 यमुनापार में जगदंबा डिग्री कालेज के पीछे यमुना नदी में शुक्रवार की दोपहर को नहाने गए आठ बालकों में से छह गहरे पानी में डूबने लगे। चीखपुकार पर बस्ती के लोगों ने चार बालकों को सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन दो का पता नहीं चल सका। गोताखोरों ने देर शाम तक यमुना में तलाश किया। बाद में स्टीमर की मदद से पीएसी के जवान लापता बच्चों की तलाश कर रहे थे।
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टेढ़ी बगिया स्थित जगजीवन नगर के रहने वाले विवेक, रोहित, विकास, गोलू, नरेंद्र, तातू, अंकुश और सनी शनिवार की दोपहर को जगदंबा डिग्री कालेज के पीछे यमुना नदी में नहाने पहुंचे थे। सभी की उम्र 10 से 14 के बीच है। बालकाें ने बताया कि शाम करीब चार बजे वे नदी किनारे नहा रहे थे। रोहित और तातू किनारे पर बैठे थे। इसी बीच अंकुश, सनी और विकास तेज बहाव में यमुना के बीचोंबीच चले गए और डूबने लगे। उन्हें डूबता देख विवेक, रोहित और नरेंद्र ने बचाने की कोशिश की तो वे भी डूबने लगे। किनारे बैठे रोहित और तातू के शोर मचाने पर बस्ती के लोग पहुंच गए।
लोगों ने चार बालकों को बाहर निकाल लिया। अंकुश और सनी का पता नहीं चला। निजी गोताखोरों ने बालकों की तलाश की। सूचना पर सीओ छत्ता बीएस त्यागी भी पुलिस के साथ पहुंचे। कई घंटे बाद भी बालकाें का पता नहीं चलने पर पीएसी के स्टीमर मंगवाए गए। देर शाम तक दोनों अंकुश और सनी की तलाश की जा रही थी।
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यमुना तट पर मचा कोहराम
मजदूर गुड्डू के बेटे अंकुश (12) और वीरपाल के बेटे सनी (11) के डूबने की खबर मिलने पर कोहराम मच गया। घरवाले यमुना किनारे करुण क्रंदन कर रहे थे। अंकुश दो भाई और तीन बहनों में दूसरे नंबर का है, जबकि सनी तीन भाई बहनों में सबसे छोटा है।

अवैध खनन से बने जानलेवा गड्ढे
आसपास के लोगों ने बताया कि यमुना नदी में किनारे पर रहने वाले तमाम लोग नहाने आते थे। लेकिन यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जाता है। इससे नदी में किनारों पर ही गहरे गड्ढे हो गए हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ने पर इन गड्ढों में फंसने का डर बना रहता है। ये गड्ढे जानलेवा हो गए हैं।
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