एनएच-2 पर एत्मादपुर स्थित राष्ट्रदीप नाम से दो पेट्रोल पंपों तथा होटल के मालिक एवं आर्मी के रिटायर्ड कैप्टन अनेक सिंह सिकरवार की 19 जनवरी को हुई हत्या में महिला समेत पंप के तीन पूर्व कर्मचारी शामिल रहे। इन्होंने नौ लाख रुपये कैश लूट के लिए अपने हाथ खून से रंगे। तीनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने शुक्रवार को हत्याकांड के खुलासे का दावा किया। लूट की रकम और मोबाइल फोन के अलावा हत्या में इस्तेमाल छुरा और आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी शाहगंज के प्रकाश नगर निवासी दिलीप जाटव (26), उसकी पत्नी रजनी उर्फ मीनू (24) और जगनेर के गांव खेरपुर चांचौड़ का राम अवतार शर्मा उर्फ रोहित (27) हैं। बता दें, सिकरवार को 19 जनवरी की शाम 6:30 बजे पंप से कमला नगर स्थित घर जाते समय होंडा सिटी कार सहित अगवा कर लिया था। उनके नौ लाख रुपये लूटे गए थे। लाश उसी रात सवा बजे खंदौली के पास मई रोड पर ड्राइविंग सीट पर ही मिली थी।
पुलिस को उनकी कॉल डिटेल में मीनू का नंबर मिला। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरा खुलासा हो गया। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि तीन महीने पहले मीनू और दिलीप ने राष्ट्रदीप पेट्रोल पंप पर कुछ दिन के लिए काम किया था। रोहित कुछ समय सिकरवार का ड्राइवर रहा। वह पहले शाहगंज में दिलीप के घर के पास ही रहता था। मीनू और दिलीप की उससे दोस्ती थी।
दिलीप और रोहित की आर्थिक स्थिति खराब थी। उन्हें मालूम था कि सिकरवार शाम को अकेले ही 10-15 लाख रुपये कैश लेकर जाते हैं। इन लोगों ने उनसे नौकरी पर फिर से रख लेने के लिए फोन पर बात की। मिलने के बहाने 19 जनवरी की शाम को पेट्रोल पंप के पास पहुंच गए। वहां से लिफ्ट लेकर सिकरवार की कार में बैठे। थोड़ी दूर चलते ही रोहित और दिलीप ने छुरे से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी।
इसके बाद रोहित उनकी लाश के ऊपर बैठकर गाड़ी ड्राइव करते हुए मई रोड तक ले गया। खेतों के रास्ते तीनों टेढ़ी बगिया चौराहा तक पहुंचे। इसके बाद टेंपो से घर और फिर धौलपुर भाग गए। इनसे लूटी गई रकम में से 8.51 लाख, सिकरवार का मोबाइल फोन, हत्या में इस्तेमाल छुरा, लूट की रकम से खरीदे गए दो मोबाइल फोन, रजनी की खून से सनी साड़ी और खून से सना एक तौलिया बरामद किया गया है।