मैनपुरी के गांव रूपपुर भरतपुर में मंगलवार को मिले महिला के जले हुए शव की शिनाख्त उसके परिवारीजनों ने कर ली है। शिनाख्त के बाद ये तो साफ हो गया कि मरने वाली महिला कौन है लेकिन उसकी मौत अब भी मिस्ट्री बनी हुई है। उसके पति का कहना है कि महिला को प्रेमी ने मारा है लेकिन कई सवाल इस कहानी में दबे राज बयां कर रहे हैं।
बता दें कि मंगलवार शाम मैनपुरी के गांव रूपपुर भरतपुर स्थित खेत की नाली में एक महिला का शव पड़ा मिला था। 32 वर्षीय महिला का चेहरा तेजाब से बुरी तरह से झुलसा हुआ था। शव के पास मिली पासबुक, आधार कार्ड व एक फोटो के आधार पर शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए थे।
बुधवार सुबह समाचार पत्रों में अज्ञात शव की जानकारी मिलने के बाद मृतका के परिवारीजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने शव की शिनाख्त ओमा देवी पत्नी श्याम सिंह कोरी निवासी गांव महुआखेड़ा जनपद एटा के रूप में की।
पति ने बताया कि 10 दिन पूर्व वह गांव कल्यानपुर निवासी प्रेमी मुनेश के साथ चली गई थी। पहले भी उसके साथ जा चुकी थी। महिला के छह बच्चे भी हैं। पति ने प्रेमी पर ही हत्या करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
इसलिए भरोसे लायक नहीं परिवारीजनों की बात
महिला के शव की शिनाख्त करने वाले पति व परिवारीजनों की कहानी पुलिस को समझ नहीं आ रही है। एटा से जिले की सीमा में जला हुआ शव मिलना, शव के पास पहले से ही पहचान के लिए आधार कार्ड, पासबुक चीजों का मिलना।
अगले दिन समाचार पत्र की खबर पढ़कर पहुंचे परिवारीजनों का बुरी तरह से क्षत विक्षत शव को एक नजर देखते ही पहचान कर सीधे महिला के एक प्रेमी पर हत्या का आरोप लगा देना यह सब संदिग्ध लग रहा है। यदि महिला की हत्या ही करनी थी तो प्रेमी भगाकर क्यों ले जाता।
हो सकता है षड्यंत्र
पुलिस का कहना है वहीं पूर्व में महिला प्रेमी के साथ जा चुकी थी हो सकता है कि पति व परिवारीजनों ने ही महिला की हत्या कर शव को फेंक दिया हो। प्रेमी को फंसाने के लिए शव की शिनाख्त व प्रेमी को हत्या के मामले में फंसाना सब एक षड्यंत्र हो। थानाध्यक्ष का कहना है कि परिवारीजनों ने शिनाख्त की है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।