राजस्थान और हरियाणा के गांवों में चोटी कटने की घटनाओं के बाद अब मथुरा में इस प्रकार के कई मामले सामने आने लगे हैं। सोमवार को नंदगांव, ओल और शाहपुर में महिलाओं की चोटी कटने की बात कही गई तो मंगलवार को सौंख में एक और मामला निकल आया।
बताया गया है कि सोमवार को लौहरबारी गांव में एक महिला की चोटी कट गई। जबकि रविवार को इसी क्षेत्र गांव भड़ौखर में महिला की चोटी कटने का हल्ला मचा था। उधर, कोसीकलां के गांव शाहपुर और फरह के ओल में भी एक महिला की चोटी कटने की घटना सामने आई है।
महिलाओं की चोटी कटने की घटनाओं की शुरूआत राजस्थान के नगर, नदवई, डीग, कामा, गंगापुर सिटी और हिडौंन से हुई थी। सोमवार को लौहरबारी गांव निवासी हल्ली सिंह की पत्नी कृष्णा की चोटी कट गई। सुबह को करीब छह बजे हल्ली सिंह अपनी पत्नी कृष्णा के साथ गांव के पास में स्थित खेत से चारा लेने जा रहे थे।
हल्ली ने बताया कि रास्ते में गांव के ही कुछ लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि सुबह सुबह पत्नी को लेकर जा रहे हो कहीं चोटी न कट जाए। अभी हल्ली और उसकी पत्नी कृष्णा थोड़ा आगे ही बढ़े थे कि कृष्णा की चोटी कट गई। कृष्णा बेहोश हो गई। हल्ली उसे लेकर घर पहुंचा। करीब आधा घंटे बाद उसे होश आया।
इससे गांव में दहशत फैल गई। उधर, कोसीकलां के गांव शाहपुर में महिला असमीना सोमवार को घर में काम कर रही थी। घर पर परिजन भी मौजूद थे। इसी बीच अचानक उसकी चोटी कटकर नीचे गिरी और वह बेहोश हो गई। महिला को बेहोश देखा तो घर में हड़कंप मच गया।
उधर, फरह के ओल निवासी रमेश की पत्नी शकुंतला की भी चोटी कट गई। चोटी कटने के बाद महिला बेहोश हो गई। ओल निवासी रमेश मजदूरी करता है। रविवार की रात को उसकी पत्नी शकुंतला घर के आंगन में सो रही थी। रात को किसी वक्त उसकी चोटी कट गई। शकुंतला का कहना है कि उसे रात को एक परछाईं नजर आई थी। जब देखा तो चोटी कटी पड़ी थी।