थाना जगदीशपुरा के गांव मघटई में वारंटियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। पुलिस वाले कुछ समझ पाते तब तक सैकड़ों की संख्या में आए लोगों ने पथराव कर दिया। वारंटियों को छुड़ाकर जीप को आग लगा दी। पुलिसकर्मियों में बमुश्किल अपनी जान बचाई। हमले की सूचना पर भारी फोर्स पहुंच गया। देर रात तक दबिश जारी रही। कार्रवाई के डर से आधा गांव खाली हो गया है। हमले में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
बिचपुरी के पास मघटई गांव में वर्ष 2013 के बलवा और एससी/एसटी के मामले में वारंटी योगेश, चंदन सिंह और मिथलेश को पकड़ने के लिए मंगलवार देर रात डेढ़ बजे चौकी इंचार्ज सत्येंद्र सिंह पहुंचे थे। योगेश और चंदन को पुलिस ने पकड़ लिया था। इस पर मिथलेश ने शोर मचा दिया। इस पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुट गए। जीप को घेरने के बाद पथराव कर वारंटियों को छुड़ा लिया। सत्येंद्र सिंह के साथ जीप में मौजूद सात-आठ सिपाहियों ने किसी तरह जान बचाई। बाद में भीड़ ने जीप को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान फायरिंग भी की। भीड़ में महिलाओं की संख्या अधिक थी। हमले में दो पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। वायरलेस पर सूचना चलने के बाद भारी फोर्स के साथ एसएसपी राजेश डी मोड़क पहुंच गए। गांव में दबिश देने से पहले ही आधे से ज्यादा गांव खाली हो गया। सारी रात पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी रही। इस दौरान कई घराें के दरवाजे तोड़कर लोगों को पकड़ा।