हरियाणा में जाट आंदोलन की हिंसा का शिकार सोमवार को नौबस्ता का जयदीप उर्फ टिंकू (26) हो गया। होडल स्टेशन के पास आंदोलनकारियों ने ट्रेन पर पथराव किया। पत्थर लगने से ट्रेन से गिरकर उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी पर परिवार में कोहराम मच गया। देर रात शव घर पहुंचा। इसकी जानकारी पर पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। परिवारीजनों ने मुआवजे की मांग की है।
नौबस्ता (लोहामंडी) निवासी जयदीप उर्फ टिंकू पुत्र स्व. हीरेंद्र कलवारी (शास्त्रीपुरम) स्थित मार्बल फैक्ट्री में सुपरवाइजर था। उसके बड़े भाई सोनू ने बताया कि जयदीप को सोमवार को कंपनी के काम से दिल्ली जाना था। सुबह साढ़े पांच बजे कंपनी का कर्मचारी सोमेश घर पहुंचा। दोनों इंटरसिटी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। ट्रेन होडल स्टेशन के पास पहुंची थी कि जाट आंदोलनकारियों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया। टिंकू कोच के गेट पर खड़ा था। पत्थर लगने के कारण वह नीचे गिर गया। उसने कोच का पायदान पकड़ लिया, लेकिन वह घिसटता हुआ चला गया। इससे उसकी मौत हो गई। सोमेश ने शोर मचाया तो लोगों ने चेन पुलिंग की। आधा किलोमीटर के बाद ही ट्रेन को रोका जा सका। सोनू के मुताबिक, फैक्ट्री मालिक ने सुबह दस बजे घटना की जानकारी दी। पलवल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव देर रात घर पहुंचा। परिवारीजनों का कहना है कि टिंकू फैक्ट्री के काम से गया था। उन्होंने मुआवजे की मांग की और मुआवजा नहीं मिलने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। सूचना पर लोहामंडी इंस्पेक्टर फोर्स के साथ पहुंच गए।