पंजाब से लौट रहे मजदूरों ने मैनपुरी की थाना घिरोर पुलिस पर चार लाख रुपये लूटने और बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया। गुस्साए मजदूरों और ग्रामीणों ने भी मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को पीटा और जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने समझा बुझाकर एक घंटे बाद जाम खुलवाया। बाद में मजदूर एएसपी से मिले। एएसपी ने मामले की जांच सीओ भोगांव को सौंप दी है।
बताया गया है कि शुक्रवार सुबह सात बजे शिकोहाबाद की ओर से डीसीएम मैनपुरी की ओर जा रही थी। इसमें कुछ मजदूर पंजाब से मजदूरी कर मैनपुरी आ रहे थे। तभी घिरोर पुलिस चौकी निकलते ही कोबरा पर तैनात सिपाही दिनेश और एक अन्य होमगार्ड ने अवैध वसूली के लिए डीसीएम को रोकना चाहा।
चालक ने गाड़ी नहीं रोकी तो गैस एजेंसी के सामने दोनों ने बाइक आगे लगाकर गाड़ी रुकवा ली। आरोप है कि गाड़ी रुकते ही सिपाहियों ने चालक व अन्य सवारियों से मारपीट शुरू कर दी। मजदूरों का कहना है कि पुलिस के साथ तीन अन्य बदमाश भी थे। उन्होंने महिलाओं के साथ अभद्रता की व और उनके पास मौजूद लगभग चार लाख रुपये लूट लिए।
इस दौरान आसपास के ग्रामीण भी एकत्रित हो गए। सभी ने मिलकर उक्त पुलिसकर्मियों की पिटाई लगाई। लोगों को आक्रोशित देख दोनों सिपाही मौके से भाग गए। इसके बाद मजदूरों और ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। लूट की सूचना पर थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मजदूरों को समझाकर जाम खुलवा दिया।
इसके बाद डीसीएम से मजदूर कलक्ट्रेट स्थित एएसपी कार्यालय पहुंचे। वहां एएसपी ओपी सिंह को लिखित शिकायत कर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और लूटे गए रुपये वापस दिलाने की मांग की। एएसपी ने मामले की जांच सीओ भोगांव परमानंद पांडेय को सौंपी है।