आगरा में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाई गई छात्रा संजलि के परिवार से मिलने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य निर्मला गौतम लालऊ गांव पहुंचीं। संजलि के परिजनों ने दोहराया कि उन्हें पुलिस की जांच पर यकीन नहीं है। इसका कारण है कि पुलिस ने उनके सामने कोई साक्ष्य नहीं रखा है।
संजलि को 18 दिसंबर को पेट्रोल डालकर जलाया गया था। 19 की रात उसने दम तोड़ दिया था। 20 की सुबह उसके ताऊ तेज सिंह उर्फ शेर सिंह के बेटे योगेश ने खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने योगेश को ही मास्टरमाइंड बताया। उसके दो रिश्तेदारों आकाश और विजय को गिरफ्तार किया।
शुक्रवार को दिन में करीब 3:30 बजे गांव लालऊ में निर्मला गौतम पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली। संजलि की मां अनीता और योगेश के पिता तेज सिंह उर्फ शेरसिंह ने बताया कि पुलिस ने घटना का खुलासा सहीं नहीं किया है। परिजनों को कोई भी साक्ष्य नहीं दिखाए है, पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए।