झांसी के थाना कोतवाली स्थित आंतिया ताल लोहामंडी इलाके से 12 जुलाई की रात को अगवा किए गए सराफ और उनके साथी की तलाश में वहां की पुलिस ने आगरा में डेरा डाल लिया है। चार एसओ की टीम स्थानीय पुलिस की मदद से अपहरणकर्ताओं की तलाश कर रही है। दोनों कारोबारियों की आखिरी लोकेशन सैंया क्षेत्र में मिली थी।
झांसी के डरु भौंडेला निवासी सराफ राजेंद्र कुमार अग्रवाल (राजू कमरया) 12 जुलाई को ग्वालियर रोड मिशन कंपाउंड स्थित अपने प्लाट पर गए हुए थे। रात 11:30 बजे स्कूटर से अपने साथी राहुल अग्रवाल (राहुल छोले) के साथ घर के लिए निकले। रास्ते में आंतिया ताल के पास उन पर पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति ने लाठी से हमला बोला। इसके बाद कार में तीन लोग उन्हें डालकर ले गए।
घटना की जानकारी पर पुलिस में हड़कंप मच गया। झांसी के प्रमुख कारोबारियों के अपहरण के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। कारोबारियों की तलाश में एसटीएफ के अलावा आसपास के जिलों की पुलिस की कई टीम लगी हुई हैं। एमपी पुलिस की भी मदद ली जा रही है। कारोबारियों को छोड़ने के लिए करोड़ों की फिरौती भी मांगी जा चुकी है।
तीन दिन पहले कारोबारियों की अंतिम लोकेशन आगरा के सैंया क्षेत्र में मिली थी। इसकी जानकारी पर चार एसओ सहित कई पुलिसकर्मी आगरा आ गए। आशंका जताई जा रही है कि कारोबारियों को अगवा करने के बाद यहीं लाया गया होगा। झांसी पुलिस तीन दिन से आगरा की पुलिस के साथ पड़ताल में जुटी है। पुलिस के आला अधिकारियों को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। हालांकि कारोबारियों के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है।