एटा में अलीगंज के गांव नदराला में गुरुवार सुबह मिलावट खोरी की शिकायत पर जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार को पेटी डीलर ने गोदाम में बंधक बनाकर पीटा। इसके बाद केरोसिन डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया। नायब तहसीलदार ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने मौके से केरोसिन से भरे पांच ड्रम और डीजल से भरे ग्यारह ड्रम बरामद किए हैं।
नायब तहसीलदार लक्ष्मी नारायण वाजपेई के अनुसार गांव नदराला निवासी पेटी डीलर अब्बास उर्फ प्यारे की मिलावटखोरी का डीजल बेचने की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी। गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे वह गांव पहुंचे और पेटी डीलर से माल चेक कराने को कहा। इस पर डीलर ने साफ इनकार कर दिया।
नायब तहसीलदार ने फोर्स बुलाने की बात कही तो डीलर भड़क गया। आरोप है कि उसने अपने बेटे नदीम, रिश्तेदार मुदिसिर और अन्य साथियों के साथ नायब तहसीलदार को गोदाम में बंधक बना लिया। यहां पिटाई के बाद शरीर पर केरोसिन छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया।
किसी तरह से अधिकारी गोदाम से भाग निकले और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एएसपी विसर्जन सिंह यादव, एसडीएम मोहन सिंह, सीओ अलीगंज मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी मौके से भाग गए थे। मामले में पुलिस ने नदीम को हिरासत में ले लिया है। मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
क्षेत्रीय खाद अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि प्रथमदृष्टया डीजल मिलावट का लग रहा है वही इसने केरोसिन अवैध रूप से खरीदा है। फिलहाल डीजल का सैंपल लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा में भेजा गया। मौके से 11 ड्रम डीजल, पांच ड्रम केरोसिन बरामद हुआ है। बताते हैं कि माफिया अब्बास उर्फ प्यारे विधानसभा चुनाव के दौरान सपा छोड़कर बसपा में शामिल हुआ था। इससे पहले गांव नदराला में प्रधान भी रह चुका है।