भारी पड़ रही चूक
- बैंकों के सीसीटीवी कैमरे खराब, फुटेज ठीक नहीं आ रही।
- डीवीआर छुपाकर नहीं रखी जा रही, इसे ले जा रहे हैं बदमाश।
- ज्यादातर एटीएम से सिक्योरिटी गार्ड हटे, बैंक शाखाओं में भी संख्या कम की गई।
- पुलिस भी बैंक की ड्यूटी में बरत रही लापरवाही, इसलिए बढी़ वारदात।
पहले आगरा का खंदौली, फिर मैनपुरी और अब एटा... एक के बाद एक तीन बैंकों में एक ही पैटर्न पर दिन दहाड़े डाका पड़ा है। तीनों पर सुरक्षा में चूक रही है। पुलिस की भी और बैंकों की भी। इस बीच बैंकों के आस पास कैश लूट की कई वारदात हुई हैं। इनके अलावा एटीएम से कैश लूट के प्रयास भी हुए हैं। साफ है कि बदमाशों केनिशाने पर बैंकों का खजाना है, लेकिन पहरेदारों की नींद नहीं टूट रही। बैंकों में लगे सीसीटीवी तक घटिया क्लाविटी के हैं। सिक्योरिटी गार्ड बैंक अफसरों की सेवा में लगे रहते हैं। पुलिस ने पिछले दिनों बैंकों की चेकिंग कराई। इसमें ये बातें सामने आई। कहीं बैंक में कैमरे नहीं लगे हैं तो कहीं ठीक से नहीं लगाए गए हैं। कई जगह कैमरे चेक करने पर खराब मिले। ऐसे भी बैंक मिले जिनमें कैमरे सही दिशा में थे, संख्या भी काफी थी, लेकिन इनकी क्वालिटी खराब थी। फुटेज स्पष्ट नहीं आ रही थी। कई जगह सिक्योरिटी गार्ड को बैंक अधिकारियों ने चाय लाने, ग्राहकों की लाइन लगवाने के काम में लगा रखा है। लापरवाही पुलिस की भी कम नहीं। खंदौली में बैंक लुटा, तो पुलिस दूर दूर तक नहीं थी जबकि यह चेकिंग का टाइम था। इसके बाद मैनपुरी में वारदात हुई और अब एटा में। तीनों जगह दोपहर की घटना हैं।
तीनों जगह मोडस ओपरेंडी एक जैसी
अलीगढ़ रेंज के डीआईजी गोविंद अग्रवाल ने बताया कि जैसे मैनपुरी में घटना हुई थी, ठीक वैसे ही एटा में हुई है। इससे पहले आगरा में भी यही पैटर्न रहा। तीनों जगह बदमाश सीसीटीवी की डीवीआर अपने साथ ले गए। मैनपुरी की घटना में किसी प्रोफेशनल गिरोह का हाथ लग रहा है। पुलिस सुराग जुटाने में लगी है।
आज से होगी बैंकों की चेकिंग
आगरा एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि बैंकों में डकैती की घटना गंभीर है। एसपी सिटी ने दो दिन पहले ही बैंक अधिकारियों की मीटिंग लेकर सुरक्षा संबंधी दिशा निर्देश जारी किए हैं। एटा की घटना के मद्देनजर आज मंगलवार से सभी बैंक शाखाओं में चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसमें तीन चीज देखी जाएंगी। अफसर देखेंगे कि पुलिस ड्यूटी सही समय पर हो रही है या नहीं। दूसरा, बैंकों में कैमरे लगे हैं या नहीं। अगर लगे हैं तो ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं। तीसरा, सिक्योरिटी गार्ड हैं या नहीं? इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर बैंक शाखाओं के अधिकारियों को भी दी जाएगी। जहां कमी मिलेगी, उसे दूर कराया जाएगा।