गाजियाबाद के लोनी के अभिषेक (17) ने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर अपने अपहरण का ड्रामा रच दिया। प्लान भी ऐसा शातिराना था कि उसके परिवार के साथ पुलिस के भी होश उड़ गए। वह चंबल के बीहड़ क्षेत्र के गांव देवपुरा में अपने दोस्त संजय के घर आ गया था। यहीं से फिरौती के लिए अपने घर फोन किया। मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस को लगा कि वह डकैतों की कैद में है लेकिन उसके मिलते ही नाटक से भी पर्दा उठ गया। इस साजिश में उसका मामा भी शामिल रहा। पुलिस ने उसके साथ ही उसके मामा और दोस्त को भी हिरासत में ले लिया है।
पुलिस ने बताया कि 11 वीं का छात्र अभिषेक 29 फरवरी को लोनी से चला था। वहां उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। यहां पहुंचते ही उसने फोन कर दिया। उसने पिता पंकज को फोन कर कहा था कि बदमाश उसका अपहरण कर ले गए हैं। छह लाख की फिरौती की मांग भी की। उसके परिवार में हड़कंप मच गया।
फिरौती न मिलने पर दो मार्च को फिर से फोन किया गया। लोनी पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कराई तो आगरा के बीहड़ इलाके की निकली। यह इलाका दस्यु गिरोह के लिए बदनाम रहा है। इसी को ध्यान में रखकर पुलिस के साथ आगरा एसटीएफ को भी लगाया गया। एसटीएफ ने लोनी और जैतपुर थाना की पुलिस के साथ मिलकर अभिषेक को संजय के घर से बरामद कर लिया।
पुलिस बताया कि अपहरण की साजिश अभिषेक ने अपने मामा दीपक के साथ मिलकर रची। दीपक ने संजय और सर्वेश से इस संबंध में बात की। दीपक ने अभिषेक को फोन करके बुलाया। अभिषेक, संजय, और सर्वेश काले खां बस अड्डे गए। वहां से दीपक उन्हें बस में बैठाकर दिल्ली अपने कमरे में पर आ गया। दीपक भी अपने बहन और बहनोई के साथ उसे तलाशने का नाटक कर रहा था। संजय और सर्वेश अभिषेक के पिता से फोन कर फिरौती मांग रहे थे। दीपक और संजय पुलिस हिरासत में है।