कांठ बवाल के मामले में बुधवार को दोनों पक्षों ने एसएसपी से मिलकर एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सिख समाज के लोगों ने दिन में एसएसपी से मिलकर सिख एंबुलेंस चालक की पगड़ी उछालने वालों पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही एसओ कांठ को हटाने की भी मांग की।
वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने शाम को कांठ विधायक के नेतृत्व में एसएसपी से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल और सिख समाज के लोगों ने बुधवार को दोपहर में एसएसपी से मुलाकात करके आरोप लगाया कि जब सिख एंबुलेंस चालक सरदार मुनिराज को सड़क पर पीटकर उसकी पगड़ी उछाली जा रही थी उस वक्त कांठ पुलिस तमाशाई बनी थी।
आरोप लगाया कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी लेकिन पुलिस ने मुनिराज को बचाने की कोशिश नहीं की। एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए इन लोगों ने एसएसपी को ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मंडल में संजय कुमार उर्फ मोगा, साहू मुन्न विश्नोई, मंजीत, तापेंद्र सिंह, अमरदीप सिंह आदि थे।
उधर, देर शाम कांठ विधायक अनीसुर्रहमान दूसरे पक्ष के लोगों को लेकर एसएसपी कैंप आफिस पहुंचे और आरोप लगाया कि सीएचएसी के डाक्टरों और एंबुलेंस चालक ने अपने ऊपर हमले की झूठी कहानी बनाई है। एसएसपी नितिन तिवारी ने मामले में एसपी देहात सुजाता सिंह को जांच का आदेश दिया है।