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ऐसे कैमरे भला किस काम के

Wed, 09 Mar 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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सीसीटीवी - फोटो : demo pic
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केस-1
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कमला नगर में दो दिन पहले टाइटन कंपनी के शोरूम में 22 लाख की चोरी हुई। वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे। पता चला उन्हें रात को बंद कर दिया जाता था।
केस-2
संजय प्लेस में 20 दिन पहले चोर शोरूम से 100 लैपटॉप ले गए। वहां भी कैमरे लगे थे लेकिन रात को ऑफ कर दिए जाते थे। इसलिए चोर कैमरे में कैद नहीं हुए।
केस - 3
खंदौली में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में दिन दहाड़े डाका पड़ा। सीसीटीवी की डीवीआर बदमाश ले गए। एक कैमरा चिप वाला था लेकिन इसकी मेमोरी फुल थी।
केस - 4
साढ़े तीन महीने पहले खंदारी में ग्रोवर दंपति की हत्या हुई। ग्रोवर हाउस के पास एक्सिस इमेजिंग सेंटर पर कैमरा लगा था लेकिन काफी समय से खराब था।

इन सभी घटनाओं का सबक यही है कि सिर्फ कैमरे लगाने से कुछ नहीं होता है। जरूरत इस बात की है कि कैमरे ठीक से काम करें। पुलिस ने संजय प्लेज और एमजी रोड पर और भी कई शो रूम में जानकारी की तो पता चला कि ज्यादातर शो रूम संचालक रात को घर जाते समय कैमरे भी ऑफ करकेजाते हैं। पॉवर सप्लाई मेन स्विच से ऑफ की जाती है।

इसी महीने के शुरू में बैंकों में सीसीटीवी कैमरे चेक कराए गए तो और चौंकाने वाली स्थिति मिली। कहीं कैमरे की दिशा ठीक नहीं थी, कहीं कैमरे खराब पड़े थे तो कहीं रिकार्डिंग सिस्टम में परेशानी थी। ऐसे में वारदात के वक्त बदमाश कैमरे में कैद कैसे होंगे?
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कैमरे ऑन थे, बन गया काम
ताजगंज में सराफा शोरूम में रात को कैमरे ऑन थे। चोर लाखों की ज्वेलरी चोरी कर ले गए। लेकिन कैमरे में उनके चेहरे कैद हो गए। सात में पुलिस ने चोर पकड़ लिए। पिछले सप्ताह एत्माद्दौला में जेनरेटर फैक्ट्री में रात में लूट हुई। लुटेरे कैमरे में कैद हो गए। पुलिस ने चेहरे पहचान लिए हैं। तलाश चल रही है।
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सभी कैमरे चेक कराएंगे
एसपी सिटी सुशील घुले का कहना है कि बैंक अधिकारियों की मीटिंग लेकर उन्हें बताया गया है कि कैमरे सही दिशा में लगवाएं,  उनकी चेकिंग कराते रहें, खराबी हो तो मरम्मत तुरंत कराएं । बैंकों में कैमरों की चेकिंग भी कराई गई है। इसी तरह पेट्रोल पंप और चौराहों के कैमरे चेक कराए जाएंगे।
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