रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने शाहगंज के न्यू जनकपुरी स्थित एके ट्रेवल एजेंसी में छापा मारकर फर्जी आईडी से ई-टिकट बेचने का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी से 27 ई-टिकट बरामद किए गए हैं। करीब दो साल में फर्जी आईडी पर ट्रेवल एजेंट अनिल कुमार ने तकरीबन तीन लाख रुपये के ई-टिकट बेचे हैं। आरपीएफ ने एजेंट को गिरफ्तार कर लिया है।
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) से एजेंट आईडी लेने वाले कुछ एजेंट फर्जी आईडी पर ई-टिकट बुक कराकर उसे दोगुनी कीमत पर बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। ऐसी सूचना पर आगरा फोर्ट आरपीएफ के इंस्पेक्टर बीपी सिंह ने बुधवार की रात में ट्रेवल एजेंसी पर छापा मारा। यहां फर्जी आईडी से बुक कराए गए अग्रिम तिथियों के 27 टिकट बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपये है। एजेंट के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत कार्रवाई की गई है। छानबीन में पता चला कि एजेंट तत्काल टिकट की बुकिंग के वक्त वह अपनी एजेंट आईडी बंद कर देता था। इस कारण एजेंट की आईडी से लोग तत्काल टिकट नहीं बुक करा पाते थे। बाद में वह एक टिकट पर दो सौ रुपये अधिक लेकर तत्काल कोटे के टिकट बेच देता था। आरपीएफ ने बताया कि ये काम कई एजेंट कर रहे हैं। ऐसे एजेंटों की निगरानी की जा रही है।
आईआरसीटीसी को पत्र लिखेंगे
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि अनिल कुमार की आईडी को निरस्त कराने के लिए आईआरसीटीसी को पत्र लिखेंगे।