न्यू आगरा के दयालबाग स्थित प्रेम नगर से लापता 75 वर्षीय शारदा देवी गुप्ता की अगवा कर हत्या की गई थी। हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनके फ्लैट में रहने वाले किरायेदार ने की थी। किरायेदार ने फ्लैट को हड़पने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
सीओ हरीपर्वत एएसपी अनुराग वत्स के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्तों में कार चालक संतोष (ग्राम कटैलिया, थाना चंदपा, हाथरस), पूर्व प्रधान गिरीश कुमार (वैशाली पुरम, कृष्णा विहार, टूंडला, फिरोजाबाद), जियालाल पाठक पुत्र केशव देव और साधना पाठक पत्नी गुरुदत्त पाठक (निरव अपार्टमेंट, सिकंदरा) को गिरफ्तार किया है। वहीं गुरुदत्त पाठक, सुमित पाठक (मोहल्ला, गाडीवान, जसरना थाना, फिरोजाबाद) और सत्यप्रकाश पाठक फरार हैं। गुरुदत्त का जियालाल भाई है, जबकि साधना पत्नी है।
सीओ ने बताया कि शारदा पति की मौत के बाद से अकेली रहती थीं। 22 मार्च को लापता हो गईं थीं। पुलिस ने उनका मोबाइल लगाया तो रवि नाम के युवक ने उठाया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि मोबाइल भगवान टाकीज चौराहे पर मिला था। बाद में पता चला कि सिकंदरा के निरव अपार्टमेंट में शारदा देवी का फ्लैट नंबर 103 है। उसमें गुरुदत्त पाठक परिवार सहित किराये पर रहता है। शारदा के बेटे संजय ने गुरुदत्त पर शक जताया। बाद में पता चला कि शारदा का फ्लैट पर काफी आना-जाना था। गुरुदत्त ने शारदा के फ्लैट को हड़पने का प्लान बनाया। 22 मार्च को बहाने से उनको बुलाया। उन्हें नशीला पदार्थ मिली हुई लस्सी पिला दी। अर्द्धबेहोशी की हालत में टूंडला अपना गांव दिखाने के बहाने स्विफ्ट कार में बैठाकर ले जाने लगा। बाद में भगवान टाकीज पर कचौड़ी भी खिला दी। अपने चालक संतोष और दोस्त गिरीश की मदद से टूंडला ले गया। अवागढ़ में रास्ते में अंगोछे से गुरुदत्त और सुमित ने शारदा की गला घोंटकर हत्या कर दी। लाश को कार की दोनों सीट के बीच में रख दिया। एटा से पहले हजारा नहर में ले जाकर फेंक दिया। कुछ दूर उनके पर्स, घड़ी, अंगोछे को छिपा दिया। मोबाइल और कीमती सामान अपने पास ही रख लिया। पुलिस ने संतोष और गिरीश की निशानदेही पर पर्स, छड़ी, कागजात, साड़ी, कार बरामद की। हालांकि शव बरामद नहीं हो सका है।
बैंक लुटेरे श्याम पाठक का भाई है एक अभियुक्त
पुलिस ने बताया कि गुरुदत्त के खिलाफ वाहन चोरी का मुकदमा दर्ज है। वह आपराधिक किस्म का व्यक्ति है। वहीं गुरुदत्त का रिश्तेदार सुमित पाठक के खिलाफ नोएडा के थाना सूरजपुर में अपहरण और अलीगढ़ के थाना अकबराबाद में लूट का मुकदमा है। उसका भाई श्याम पाठक जिला जेल में निरुद्ध है। श्याम के खिलाफ थाना सिकंदरा में बैंक लूट, एटा के अवागढ़ और थाना जसराना में एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।
फ्लैट के बारे में घरवालों को नहीं थी जानकारी
शारदा ने अपने फ्लैट के बारे में किसी को नहीं बताया था। बेटी को भी जानकारी नहीं थी। बेटी रेनू जब दयालबाग में मां के घर आई तो पड़ोसियों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही मोहल्ले के एक व्यक्ति से शारदा देवी की कहासुनी हो गई थी। उन्होंने पुलिस से शिकयत की थी। तब गुरुदत्त पाठक समझौता कराने आया था। तब उसने उनके फ्लैट में किरायेदार होने की जानकारी दी थी। इस पर रेनू निरव अपार्टमेंट पहुंच गई।
फ्लैट के फर्जी कागजात कराए तैयार
गुरुदत्त पाठक ने शारदा देवी की हत्या की प्लानिंग पिछले तीन महीने से कर रहा था। इसलिए फ्लैट के फर्जी दस्तावेज भी तैयार करा लिए थे। उसे यह भी पता था कि फ्लैट के बारे में शारदा के अलावा कोई नहीं जानता है। इस कारण फ्लैट के पते पर ही अपने और परिवारीजनों के आधार कार्ड भी बनवा लिए थे।