दीवानी कचहरी में पेशी पर लाया गया गया हत्यारोपी कैदी जितेंद्र उर्फ जीतू उर्फ लूला पुलिस कस्टडी से दोपहर तीन बजे फरार हो गया। हैरानी की बात यह रही कि उसकी अभिरक्षा में लगे चार सिपाहियों ने उसका पीछा करने की भी खास कोशिश नहीं की। इतना ही नहीं। बाद में उसकी तलाश में चेकिंग भी देरी से कराई गई। वह आराम से दूर निकल गया। चारों सिपाहियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया गया है। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इनमें से तीन गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
लूला गांव नैनाना जाट का रहने वाला है। छह दिसंबर 2014 को नैनाना जाट में हुई राजाबाबू की हत्या में वह और उसका पिता ओम प्रकाश आरोपी है। ओम प्रकाश जमानत पर जेल से बाहर है। लूला 2014 से ही जिला जेल में निरुद्ध है। उसे शुक्रवार को अपर जिला जज षष्टम की कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। उसके साथ कागारोल के नगला जसोदा का दीपक भी था। उस पर दहेज हत्या का आरोप है।
दोनों के हाथ को एक ही रस्सी में बांधा गया था। उनकी अभिरक्षा में दो सिपाही थी लेकिन दोनों में से एक का भी ध्यान उन पर नहीं था। इसी बीच लूला ने रस्सी से हाथ निकाल लिया। चश्मदीदों ने बताया कि वह पहले धीरे धीरे चलकर दीपक से थोड़ी दूर हुआ। इस बीच भी उसे सिपाहियों ने नहीं देखा। इसकेबाद वह तेजी से भाग निकला।
उसके भागने पर लोग चिल्लाए तब सिपाहियों ने गौर किया। सिपाही हक्का बक्का देखते रह गए। उसके पीछे तुरंत नहीं भागे। बाद में गए। इसका उसे फायदा मिल गया। सूचना पर पुलिस भी थोड़ी देरी से पहुंची। इसकेबाद चेकिंग में दस मिनट लग गए। उसका कोई सुराग नहीं लग सका।
--। कचहरी की सुरक्षा पर गंभीर नहीं है पुलिस
आगरा। कैदी के फरार हो जाने की घटना ने कचहरी की सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है। यहां पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। अधिवक्ता ओमवीर सिंह चाहर पर भरी कचहरी फायरिंग की जा चुकी है। इस पर काफी हंगामा हुआ था। पुलिस अफसरों ने भरोसा दिया था कि आगे से सुरक्षा के बंदोबस्त में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके बावजूद एक और बड़ी घटना हो गई है। कचहरी में कई बार बवाल भी हो चुका है। तब भी पुलिस नजर नहीं आई थी। कई बार यहां संदिग्ध लोग नजर आ चुके हैं। जब सुरक्षा के लिए अफसरों पर दबाव बनाया जाता है तो मेटल डिटेक्टर मशीन, डाग स्कवैड सब लगा दिए जाते हैं लेकिन दो दिन बाद स्थिति फिर से बिगड़ जाती है।
--। बर्खास्त किए जा सकते हैं चारों सिपाही
आगरा। कैदी की फरारी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किए गए चारों सिपाहियों को बर्खास्त भी किया जा सकता है। यहां जांच पर निर्भर करेगा, जिसके आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल तीन गिरफ्तार किए गए हैं। इन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जमानत न मिलने की सूरत में इन्हें उसी जिला जेल में भेजा जा सकता है , जहां का कैदी इनकी लापरवाही से फरार हुआ है। ये सिपाही हैं चरनजीत, दीपक, सुनील और मोहित। इनमें मोहित को छोड़कर शेष तीनों गिरफ्तार कर लिए गए हैं। मोहित भाग निकला है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
लूला पर घोषित होगा ईनाम
आगरा। पुलिस कस्टडी से फरार हुए लूला पर शनिवार को ईनाम घोषित कर दिया जाएगा। थाना से इसके लिए रिपोर्ट एसएसपी आफिस भेज दी गई है। उस पर पांच हजार का ईनाम घोषित किया जा सकता है। शुक्रवार रात में पुलिस की एक टीम ने उसके घर दबिश दी। दूसरी तलाश में उसकी रिश्तेदारों के यहां भेजी गई।
कैदी की अभिरक्षा में लगे चारों सिपाहियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया गया है। चारों को निलंबित कर दिया गया है। लापरवाही की जांच के आदेश दे दिए गए हैं - डा. प्रीतिंदर सिंह ( एसएसपी)