ट्रांस यमुना कालोनी में बुधवार दोपहर व्यवसायी नितिन गर्ग के घर से उनकी दो माह की बच्ची को अगवा कर लिया गया। सूचना पर आई पुलिस ने कालोनी से लेकर हाईवे तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया है।
ट्रांस यमुना कालोनी के ए-231 निवासी नितिन गर्ग का एएमजी मेडिकल सिस्टम के नाम से शाहदरा में मेडिकल उपकरण का व्यवसाय है। बुधवार सुबह वह दुकान पर चले गए। घर पर उनकी पत्नी रिचा, डेढ़ साल की बेटी आना, दो महीने की बच्ची बेबी (छोटू) और मां आशा गर्ग थीं। दोपहर तकरीबन 12:30 बजे नितिन के पिता मुकेश गर्ग अपनी ट्रांसपोर्ट कंपनी से घर पर आए। वह घर में अंदर ही कुछ काम करने लगे।
आशा छत पर कपड़े सुखा रही थीं। रिचा रसोई में थी। आना ड्राइंग रूम में खेल रही थी, जबकि बेबी बेडरूम में पलंग पर सो रही थी। आशा छत से नीचे आईं तो बेबी वहां नहीं थी। उन्होंने दूसरे कमरे में देखा, लेकिन बच्ची का पता नहीं चला। बच्ची को न देख घरवालों में हड़कंप मच गया। घर का मुख्य दरवाजा खुला था।
शक होने पर मुकेश ने बाहर जाकर तलाशा लेकिन पता नहीं चला। बाद में नितिन, सीओ बीएस त्यागी, इंस्पेक्टर और थाना पुलिस पहुंच गई। देर शाम तक बच्ची की तलाश की जा रही थी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
नितिन के घर से दस मीटर की दूरी पर स्थित कोचिंग सेंटर और एलआईसी के दफ्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस ने कैमरों की फुटेज चेक की, लेकिन उनमें किसी तरह का संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। पुलिस ने डीवीआर कब्जे में ली है।
एक दुकान पर आए थे मंगलामुखी
पुलिस ने बताया कि नितिन के घर के सामने जय दुर्गे मेडिकल स्टोर है। दोपहर में दुकान पर गोपाल सिंह बैठे थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि दोपहर में चार-पांच मंगलामुखी आए थे। इनमें से एक मंगलामुखी पहले से इलाके में आता-जाता है, जबकि अन्य नए थे। उन्होंने क्षेत्र में पैदा होने वाले बच्चों के बारे में पूछताछ की। गोपाल ने जानकारी नहीं होने की बात कही। इसके बाद वे सभी चले गए। अब पुलिस उनकी तलाश कर रही है।