एलपीजी सिलेंडर में लीकेज होने पर खिड़कियां और दरवाजे खोल दें। इलेक्ट्रिक स्विच को ऑन न करें। सिलेंडर में आग लगे तो सबसे पहले उस पर गीला कपड़ा (बोरा या सूती कपड़ा) डाल दें। सिलेंडर को गिराएं नहीं। इससे आग लग सकती है। फायरब्रिगेड के कंट्रोल रूम पर भी तुरंत सूचना दें। मंगलवार को लोहामंडी स्थित पारस पल्स अपार्टमेंट की महिलाओं को आग से सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें फायर एस्टिंगुशर के इस्तेमाल के बारे में भी बताया गया।
अग्निशमन विभाग की ओर से शहर की बहुमंजिला इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम चेक करने के साथ लोगों को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी के तहत अपार्टमेंट की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। सीएफओ जसवीर सिंह ने बताया कि किसी सिलेंडर में आग लगती है तो कुछ बातों का ध्यान रखकर बचाव किया जा सकता है। परिवारीजन खुद भी अपने प्रयास से आग को बुझा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं और लड़कियों से सिलेंडर में लगी को बुझवाया गया। इसके अलावा हाइड्रोलिक प्लेटफार्म से पांचवीं मंजिल पर फंसे लोगों के बचाव कार्य और आग बुझाने की मॉक ड्रिल भी की गई। अपार्टमेंट में फायर फाइटिंग सिस्टम चालू मिले। इसके अलावा फतेहाबाद रोड स्थित होटल गेटवे में भी मॉक ड्रिल की गई।
..तो 13 मंजिल तक हो सकेगा बचाव कार्य
हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मदद से 13वीं मंजिल तक दमकलकर्मी बचाव और राहत कार्य कर सकते हैं। शहर के घने इलाकों में इस प्लेटफार्म के इस्तेमाल को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीएफओ ने बताया कि इसमें चार कंप्रेस्ड सिलेंडर लगे हैं, जो आसानी से पानी का प्रेशर बनाते हैं। इससे जहां दमकल कर्मियों को बचाव कार्य में मदद मिलेगी, वहीं बिल्डिंग में आग लगने की स्थिति में वहां फंसे लोगोें को आसानी से नीचे उतारा जा सकेगा।