दिव्य के अपहरण का मामला डीजीपी जावीद अहमद तक पहुंच गया। इसके बाद एसटीएफ को भी लगा दिया गया। इसके अलावा क्राइम ब्रांच समेत तीन टीमें लगाई गई हैं। पुलिस की पहली प्राथमिकता गैंग ट्रेस करने की है। हाल फिलहाल में अपहृर्ताओं का कोई बडा़ गैंग सामने नहीं आया है। एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने फोन पर बताया कि अपहरण का यह मामला बेहद गंभीरता से लिया गया है। आगरा जोन के आईजी, डीआईजी और एसएसपी से बात हुई है। सभी अधिकारी लगे हैं। जल्द ही नतीजा सामने आएगा। उधर, एसएसपी ने बताया कि क्राइम ब्रांच, थाना पुलिस और सर्विलांस सेल को लगाया गया है। सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। इनके आधार पर बदमाशों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
:: हरी पर्वत पुलिस के सामने फिर चुनौती
आगरा। हरीपर्वत थाना पुलिस के सामने तीन महीनों में यह तीसरी बडी़ चुनौती आई है। सबसे पहले खंदारी में ग्रोवर दंपति की हत्या हुई थी, जिसका आज तक खुलासा नहीं हो पाया है। इसके बाद यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ लिपिक सहायक सतेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की गई। तमाम फजीहत झेलने के बाद पुलिस ने जैसे तैसे इसका खुलासा मैनपुरी के कॉलेज संचालक ओमेंद्र यादव पर किया। अब यह तीसरी बड़ी घटना हुई है, जिस पर शासन तक की नजर लगी है।