शहर में एक के बाद एक चेन स्नेचिंग किए जा रहे बाइकर्स गैंग के बदमाशों की अब पूरी फौज खड़ी हो गई है। दो महीने पहले तक तीन गिरोह ही सक्रिय बताए गए थे लेकिन अब इनकी संख्या दस पाई गई है। पुलिस को इसकी जानकारी पिछले 60 दिन में हुई वारदात में शामिल रहे चेन लुटेरों के हुलिया के आधार पर मिली है। यह भी पता चला है कि इनमें ‘गैंग्स ऑफ स्टूडेंट्स’ भी शामिल हैं। सभी की धरपकड़ के लिए प्रयास तेज किए गए हैं।
पुलिस पहले बाइक के रंग से गिरोह की पहचान कर रही थी। एक गिरोह लाल रंग की बाइक पर था, दूसरा काली और तीसरा सफेद। हर वारदात के बाद बाइकों के यही रंग बताए जा रहे थे। लेकिन पिछले दो महीनों में इनके अलावा सलेटी, नीली बाइकों पर सवार बदमाशों ने भी चेन लूट की।
गूगल क्राइम मैपिंग के लिए पुलिस ने लुटेरों का हुलिया के आधार पर चार्ट तैयार किया तो पता चला कि गैंग तीन नहीं, दस हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह पूरा डेटा गूगल पर अपलोड किया जा रहा है। इनकी सक्रियता भी अलग-अलग क्षेत्र में है। कमला नगर, आवास विकास, जयपुर हाउस में अलग-अलग गिरोह माना जा रहा है।
कमला नगर में दो गिरोह हैं। एक में 15 से 18 साल के बदमाश हैं। दूसरे में 20 से 25 के। आवास विकास में भी यही स्थिति है। यहां एक गिरोह के बदमाश हेलमेट पहनकर रखते हैं, जबकि दूसरा गिरोह चेहरा रुमाल से ढकता है। बता दें, इस साल चेन लूट की 60 वारदात हो चुकी हैं।
जेल से छूटे बदमाशों की तलाश
पुलिस सूत्रों ने बताया कि चेन लूट में पिछले तीन साल में जेल गए बदमाशों में से आधे से ज्यादा जमानत पर बाहर हैं। इनमें से कई घर पर नहीं मिले हैं। इनकी तलाश की जा रही है।
कमला नगर में ज्यादा वारदात
चेन लूट की वारदात सबसे ज्यादा पहले भी कमला नगर में हो रही थीं, अभी भी यहीं पर हो रही हैं। इसकी जानकारी होने पर भी पुलिस चेन स्नेचिंग नहीं रोक पा रही है।
चेन लुटेरों के कई गिरोह प्रकाश में आए हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। बदमाश जल्द ही पकड़े जाएंगे। सुशील घुले एसपी सिटी