राजामंडी बाजार के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत हेमनदास के बेटे सुशील जैसवानी हत्याकांड को लेकर मचे बवाल के बीच हत्यारोपी मोनू वर्मा ने पुलिस को गच्चा देकर दीवानी में समर्पण कर दिया। वहीं पुलिस ने आरोपी सूरज समेत दो की गिरफ्तारी का दावा किया है। हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को दूसरे दिन भी राजामंडी बाजार बंद रहा।
राजामंडी में कपड़ा व्यवसायी सुशील जैसवानी की हत्या और उनके भाई मनोज को गोली मारकर घायल करने के मामले में बल्का बस्ती के हिस्ट्रीशीटर के भतीजे मोनू वर्मा समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। शुक्रवार को हत्यारोपी मोनू पुलिस को चकमा देकर दीवानी पहुंच गया। उसने अपर जिला जज पंकज कुमार की अदालत में समर्पण कर दिया। हेमनदास हत्याकांड में उसके जमानतदार आवास विकास कालोनी के शैलेंद्र अग्रवाल ने जमानत वापस लेने का प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद मोनू को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने मोनू को पांच सितंबर तक जेल भेज दिया। बता दें, मोनू सुशील के पिता हेमनदास की हत्या में भी नामजद था। इसी हत्याकांड में गवाही देने से पहले सुशील की हत्या कर दी गई। दूसरी ओर, लोहामंडी पुलिस ने सुशील हत्याकांड के आरोपी सूरज समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया।
विरोध में राजामंडी बाजार बंद रहा
हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को भी व्यापारियों ने राजामंडी बाजार बंद रखा। व्यापारियों ने सुबह सुशील के अंतिम संस्कार में शिरकत करने के बाद सर्किट हाउस में केंद्री राज्य मंत्री से मुलाकात की। पूरे दिन बाजार बंद रहा।
सीओ तक पहुंची जांच की आंच
सुशील हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही की जांच कर रहीं डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने अपनी रिपोर्ट आईजी डीसी मिश्र को सौंप दी है। बताते हैं कि रिपोर्ट में सीओ लोहामंडी की लापरवाही भी प्रकाश में आई है। व्यापारी के परिवारीजनों ने सीओ और तत्कालीन इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को धमकी की रिकार्डिंग सुनाई थी। इसके साथ ही सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। ये रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
हत्या से पहले बदमाशों ने बाजार में की थी आतिशबाजी
पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रांजल ने जेल से सुशील की हत्या की सुपारी दो लाख रुपये में दी थी। पांच शूटर को हत्या करने के लिए राजामंडी बाजार भेजा गया था। शूटर काफी देर तक बाजार में चहलकदमी करते रहे थे। हत्यारोपियों ने सुशील की हत्या करने से पहले पुलिस बूथ के सामने आतिशबाजी की थी। रात तकरीबन साढ़े नौ बजे उन्होंने बाजार में पटाखे छुड़ाए थे। उस वक्त पुलिस बूथ पर सिपाही भी मौजूद थे, लेकिन किसी सिपाही ने आतिशबाजी करने का कारण तक नहीं पूछा। हमलावर आतिशबाजी छुड़ाने के कुछ देर बाद ही व्यापारी को गोली मारने पहुंचे थे।
सीसीटीवी फुटेज चेक नहीं किए
राजामंडी बाजार में एक रेस्टोरेंट और अन्य कुछ दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। लेकिन पुलिस ने अभी इसकी फुटेज चेक करने की जहमत नहीं उठाई है। हो सकता है कि इसमें हत्यारोपियों की तस्वीरें कैद हों।