शहर में ठगी के एक के बाद एक नए मामले सामने आ रहे हैं। एक किस्म का फ्रॉड पकड़ा जाता है तो ठग दूसरी तरकीब लेकर आ जाते हैं। लालच का जाल फेंकते हैं और शार्ट कट कमाई के चक्कर में लोग फंस जाते है।
किसने सोचा था कि कोई मोतियों की माला बनवाकर ठगी कर देगा, लेकिन क्या पता कोई और भी ठग इसी समय अपना जाल बिछाए शहर में बैठा हो। लोगों की आंखें तो तभी खुलती हैं, जब ठग शहर छोड़कर फरार हो जाता है। ईएमआई फ्री कार कंपनी ने भी सैकड़ों को चूना लगाया। लेकिन लोग तभी जागे, जब चेक बाउंस हो गए और कंपनी के दफ्तर पर ताला लग गया। कई ठग मोबाइल और ई-मेल पर ऑफर देकर ठग रहे हैं। इनके झांसे में भी लोग आ जाते हैं।
पैसा वापस नहीं मिलता
भले ही पुलिस ठगी का केस दर्ज कर ले, चाहे ठग पकड़ भी लिया जाए, लेकिन जो एक बार शिकार बन गया, उसे उसका पैसा वापस नहीं मिलता। शैलेंद्र अग्रवाल जेल में है, लेकिन उसके पीड़ितों को पुलिस एक रुपया भी नहीं दिलवा पाई। इसी तरह कई ठग जेल जा चुके, लेकिन रिकवरी एक से भी नहीं हुई। ईएमआई फ्री कंपनी के खिलाफ हंगामा खूब हुआ, लेकिन लोगों को कुछ नहीं मिला।
कैसे कैसे ठग
- जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल ने 35 फीसदी सालाना ब्याज का लालच देकर करोड़ों ठगे।
- ईएमआई फ्री कार दिलाने का लालच देकर दो कंपनी करोड़ों लेकर भाग गईं।
- शाहगंज में सराफ ने सोने पर ब्याज देकर 10 करोड़ रुपये की ठगी की।
- मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर ठगी करने वाला अभी सक्रिय।
- सोने की ईंट सस्ते में बेचने वाले शातिरों ने करोड़ों रुपये ठगे।