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सपा नेता की घर में घुसकर हत्या 

Mon, 31 Oct 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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नगला धनी की घटना, पत्नी और बेटियों पर चाकू और तमंचे से किए कई प्रहार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरीपर्वत के नगला धनी में दिवाली के पूजन के दौरान सपा नेता और स्कूल संचालक मथुरा प्रसाद की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उनकी बेटियों को तीन साल पहले फोन करके परेशान करने वाले एक युवक और उसके परिवार के लोगों पर है। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

नगला धनी, न्यू विजय नगर कालोनी निवासी मथुरा प्रसाद कुशवाहा (65) वर्ष का टेढ़ी बगिया स्थित पवन विहार में शीला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। वह सपा के जिला सचिव भी थे। खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र प्रभारी की जिम्मेदारी भी उन पर थी। उनके बेटे राकेश कुमार और राजेश के मंडी समिति पर स्कूल हैं। राकेश भाजपा नेता हैं। राकेश ने बताया कि रविवार रात को आठ बजे पिता घर में पहली मंजिल पर दिवाली के पूजन की तैयारी कर रहे थे। उस वक्त घर में मां शीला देवी, बहन चांदनी और ज्योति भी मौजूद थीं। आरोप है कि सर्वेश पुत्र सत्यप्रकाश, उसका भाई मोहन, मां शांति देवी, चाचा संजू, रिश्ते का भाई बाबी (पवन विहार, टेढ़ी बगिया) आए। सभी ने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। उन्होंने आते ही मथुरा प्रसाद पर चाकू और तमंचे से हमला बोल दिया। पिता की चीख पुकार सुनकर दोनों बेटियां आईं तो उन पर भी हमला बोला। ज्योति के सिर पर तमंचे की बट मार दी। चांदनी ने एक हमलावर के चेहरे से कपड़ा हटाया तो उस पर चाकू से वार कर दिए। शीला देवी को भी पीटा। तीन फायर किए। मथुरा प्रसाद की सीने में चाकू मारकर हत्या के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घटना की जानकारी पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। परिवारीजन मथुरा प्रसाद को एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी ले गए, जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर हरीपर्वत पुलिस पहुंच गई। राकेश ने सर्वेश और अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। वहीं अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। घर से एक चाकू, बुलट, एक जूता बरामद हुआ है। जूता सर्वेश का बताया गया है।
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राकेश ने बताया कि शीला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का संचालन पिता के साथ बहन हेमलता करती थीं। सर्वेश तकरीबन सात साल पहले उनके विद्यालय में ही दसवीं कक्षा में पढ़ता था। सर्वेश बहनों को परेशान करता था। तीन साल पहले मामले की शिकायत फाउंड्री नगर पुलिस चौकी पर की थी। चौकी इंचार्ज ने उसे बुलाया, लेकिन वह भाग गया। एक साल तक लौटकर नहीं आया। तब से वह पिता से रंजिश मानने लगा। इसी रंजिश में हत्याकांड को अंजाम दिया। 
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शव रखकर लगाया जाम, हंगामा 
शाम तकरीबन चार बजे पोस्टमार्टम के बाद मथुरा प्रसाद का शव घर पहुंचा तो परिवारीजन लंगड़े की चौकी होते हुए हाईवे पर आ गए। उन्होंने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। जमकर हंगामा भी किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाबुझाकर शांत किया। तकरीबन आधा घंटे तक जाम लगाया। इससे वाहनों की लंबी लगी रही। उधर, परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मथुरा प्रसाद की पांच बेटियां और दो बेटे हैं। इनमें ममता कालिंदी विहार, हेमलता टेढ़ी बगिया और कुसुम जगदीशपुरा में रहती हैं। चांदनी दीवानी मेें अधिवक्ता और ज्योति पढ़ाई कर रही है। 
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