खंदारी कालोनी में अधिवक्ता प्रवीण कुमार गुलाटी की पत्नी रमा और बेटी
दीक्षा की हत्या और लूटपाट की घटना में करीबी का हाथ होने के पीछे पुलिस
के पास एक बड़ा तर्क है। पुलिस का कहना है कि रमा घर का गेट अंदर से बंद
रखतीं थीं। हत्यारों के गेट के अलावा कहीं और से अंदर जाने के निशान नहीं
मिले हैं। इससे साफ है कि रमा ने ही गेट खोला। वह किसी के लिए भी गेट खोलने
से पहले शीशे से झांककर देखतीं थीं।
इसके अलावा हत्यारे घर के कोने
कोने से वाकिफ भी थे। पुलिस को दीवार पर मिले खून के निशान से पता चला है
कि एक हत्यारे ने सात नंबर का जूता पहन रखा था। पुलिस का कहना है कि दीक्षा
चलने फिरने में असमर्थ थी। इसलिए इसमें शक नहीं कि गेट रमा ने ही खोला।
घटना के समय वे किचन में रही होंगी, क्योंकि वहां आलूृ-गोभी कटे रखे थे।
हत्यारों
ने किचन में रखे संगमरमर के चकले से दोनों के सिर पर प्रहार किए हैं। यह
घर के पिछवाड़े में सीवर से मिले एक जोड़ी चप्पल, टेबल क्लाथ, टूटे हुए
चकले, टूटे बेलन, चम्मच आदि से साफ हो सका। माना जा रहा है कि बदमाशों ने
टेबल क्लाथ में चकला लेकर सिर पर मारा। बेलन से भी प्रहार किए। इस दौरान
बदमाशों का रमा से संघर्ष भी हुआ है। टूटी चूड़ी और बाल बिखरे पड़े थे।
लूटपाट
के बाद बदमाश गैलरी में स्थित सीढ़ियों से छत पर पहुंचे और वहां से
पिछवाड़े की गली में कूदकर भागे। गली खुली हुई है। गली के नजदीक ही
मल्होत्रा हास्पिटल का सीवर है, जो पत्थर से ढका था। इस सीवर तक पहुंची
पुलिस ने पत्थर हटाया तो खून से सना टेबल क्लाथ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस
ने सीवर से सामान बरामद किया।
..तो अचानक से बना हत्या का इरादा
क्या
बदमाश हत्या के इरादे से घर में नहीं घुसे थे? क्या उनका मकसद सिर्फ
लूटपाट करना ही था? ये सवाल पुलिस के सामने है। पुलिस का मानना है कि बदमाश
कोई हथियार लेकर नहीं आए होंगे। इसीलिए चकले को हथियार के रूप में
इस्तेमाल किया?
हत्याकांड में करीबी शामिल : एसपी सिटी
खंदारी
कालोनी में मां-बेटी की जिस ढंग से हत्या की गई है, उससे किसी परिचित का
हाथ होने का अंदेशा है। लूटपाट के लिए हत्याएं की गई हैं। इसके पीछे रंजिश
भी हो सकती है। रेप की कोई आशंका नहीं है। घटनास्थल पर ऐसा कुछ नहीं मिला।
छानबीन की जा रही है।
- राजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी