दिल दहला देने वाली इस सनसनीखेज वारदात का पता तब
चला जब दोपहर ढाई बजे अधिवक्ता प्रवीण कुमार गुलाटी दीवानी कचहरी से अपने
घर लौटे। घंटी बजाने पर काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर उन्होंने घर के
दूसरे हिस्से में किराएदार एवं रिटायर्ड पुलिसकर्मी राम लक्ष्मण की मदद से
शीशे तोड़कर गेट खोला। अंदर का नजारा देखकर दोनों सन्न रह गए। हर तरफ खून
फैला था। बाथरूम का गेट खोला तो रमा का खून से लथपथ शव पड़ा था।
दूसरे
कमरे का बाथरूम लॉक था। इसे खोला गया तो दीक्षा की लाश मिली। उसके कपड़े भी
अस्त व्यस्त हालत में थे। खुली पड़ीं तीनों अलमारियों से लाखों का कैश और
कीमती जेवरात गायब थे। घर में एक तरफ कपड़े और फाइलें जल रहीं थीं।
पड़ोसियों ने पानी डाला तो मालूम हुआ कि हत्यारों ने अपने खून से सने कपड़े
जलाए थे। उन्होंने अलमारी से कपड़े लेकर बदल लिए।
फील्ड यूनिट और डॉग
स्क्वॉयड खून के छींटों का पीछा करते हुए छत पर पहुंचे तो पीछे गली में
बदमाशों के कूदने के निशान मिले। वहां एक सीवर में वकील के घर का टेबल
क्लाथ, टूटा चकला, टूटा बेलन, एक जोड़ी चप्पल पड़े थे, जिन्हें पुलिस ने
कब्जे में ले लिया। माना जा रहा है कि पत्थर के चकले से ही दोनों के सिर
कुचले गए। खून से सने पैरों के निशान से बदमाशों की संख्या सिर्फ एक या दो
होने के संकेत मिले हैं। दीवार पर सात नंबर के जूते के निशान मिले हैं। घर
में रमा और बदमाशों के बीच संघर्ष के निशान भी मिले हैं। घर के पीछे खून
के छींटे मिलने से माना जा रहा है कि बदमाशों को भी चोट लगी है। पुलिस
अधिकारियों का कहना है कि घटना में परिवार के बारे में बारीकी से जानने
वाला व्यक्ति शामिल हो सकता है।