भीम नगर, 26 सितंबर 2014 को जगदीशपुरा निवासी दिनेशचंद्र सोनी और उनके
बेटे योगेंद्र और विशाल की पुलिस अभिरक्षा में दीवानी में पेशी के बाद
लौटने के दौरान मौत हो गई थी। तिहरे हत्याकांड में मृतक की पत्नी ने अपने
ही रिश्तेदारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा न्यू आगरा थाने में दर्ज कराया
था। इसमें आरोप लगाया गया था कि पेशी पर आए पिता पुत्रों को संपत्ति विवाद
में पूड़ी-सब्जी में जहर देकर हत्या की गई है। इस चर्चित तिहरे हत्याकांड
की जांच सीबीसीआईडी कर रही है। एसएन अस्पताल में उपचार के दौरान मृत तीनों
बंदियों के बिसरे की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच को भेजी गई थी।
फोरेंसिक लैब से जांच रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों के पास पहुंच गई है। लैब
के सूत्रों के मुताबिक तीनों की मौत अल्युमिनियम फास्फेट (सल्फास) के सेवन
से हुई थी। अभी तक ये साफ नहीं हो सका था कि तीनों बंदियों की पुलिस
अभिरक्षा में मृत्यु किस जहर से हुई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद तिहरे
हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में मदद मिल सकेगी। तिहरे हत्याकांड की
न्यायिक जांच भी चल रही है।