फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्मशान घाट पर शरारती तत्वों ने तोड़ी शिवजी की मूर्ति

Wed, 05 Aug 2015 01:56 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
सावन के महीने में शरारती तत्वों ने शहर की फिजा को खराब करने की कोशिश की। कटरा वजीर खां में श्मशान घाट पर शिवजी की तकरीबन तीन फुट की मूर्ति को सोमवार रात तोड़ दिया गया। मंगलवार सुबह मूर्ति खंडित देख लोगों में आक्रोश फैल गया। जानकारी मिलने पर हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी और अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में नई प्रतिमा को स्थापित कराया गया। लोगों ने आरोपियों को पकड़ने की मांग की।  
विज्ञापन

कटरा वजीर खां में तकरीबन 30 साल पुराना श्मशान घाट है। शवों के अंतिम संस्कार से पहले उनका स्नान कराने के लिए श्मशान घाट पर बने मंदिर के पास ले जाया जाता है। मंदिर की देखभाल मुन्ना बाबा करते हैं। सुबह मंदिर में पूजा के लिए क्षेत्र के पंकज अग्रवाल पहुंचे थे। उन्होंने मूर्ति का एक हाथ टूटा देखा। उन्होंने मुन्ना बाबा को इसकी जानकारी दी। इसके बाद श्मशान घाट के पदाधिकारी सर्वेश कुशवाहा पहुंच गए। लोगों की भीड़ लग गई। उनमें आक्रोश फैल गया। सूचना पर हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने शरारती तत्वों पर कार्रवाई की मांग की। एसओ एत्माद्दौला फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद आनन-फानन में नई मूर्ति को विधिविधान से स्थापित करा दिया गया। एसओ का कहना था कि किसी मंदबुद्धि युवक ने मूर्ति को तोड़ने की जानकारी मिली है। उसके बारे में पता किया जा रहा है।
जुआरियों और शराबियों का जमघट
महिलाओं का कहना था कि श्मशान घाट के आसपास शरारती तत्वों का जमावड़ा रहता है। जुआरी, नशेबाज हमेशा लड़ते झगड़ते रहते हैं। कई बार पुलिस से शिकायत की जा चुकी हैं। युवक महिलाओं के साथ भी छेड़खानी करते हैं।  
विज्ञापन

घटनाओं के बाद भी नहीं जागे अधिकारी
शहर के कई मंदिर में मूर्तियों को तोड़ने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ महीने पहले लोहामंडी और जगदीशपुरा में शरारती तत्वों ने शिव परिवार की मूर्तियां खंडित कर दी थीं। पुलिस कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला रफा-दफा कर देती है। इसके बावजूद अधिकारी नहीं जाग रहे हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें