लायर्स कालोनी स्थित उपनिदेशक पेंशन (कोषागार) कार्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षक की पेंशन बनवाने के नाम पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कार्यालय के बड़े बाबू आरएस प्रजापति को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। टीम आरोपी बाबू को गिरफ्तार कर थाना न्यू आगरा लाई। इस मामले में बाबू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मेरठ की कोर्ट में पेश किया जाएगा। बाबू के पकड़े जाने के बाद पेंशन कार्यालय में हड़कंप मच गया। काफी संख्या में कर्मचारी न्यू आगरा थाने पहुंच गए।
सरस्वती विहार, सेवला निवासी सुरेशचंद्र बरौली कहरई (ताजगंज) स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। 30 मई को वे सेवानिवृत्त हो गए। पेंशन, जीपीएफ और फंड आदि देयकों का भुगतान किया जाना था। उनके दामाद तेहरा सैंया निवासी ब्रजेश दीक्षित ने बताया कि ससुर की पेंशन बनवाने के लिए वे काफी दिन से पेंशन कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही थी। बाबुओं से लेकर दलाल तक रिश्वत मांग रहे थे। ब्रजेश ने बताया कि 15 दिन पहले बड़े बाबू ने 20 हजार रुपये में कागजात तैयार करने की बात कही। उन्होंने 15 हजार रुपये में सौदा तय किया।
21 जुलाई को रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन विभाग में की। एंटी करप्शन विभाग ने जिलाधिकारी को सूचना दी। मंगलवार को ट्रेप करने की योजना तैयार की गई। दोपहर एक बजे ब्रजेश 15 हजार रुपये लेकर पेंशन कार्यालय पहुंचे। यहां बाबू को रिश्वत के रुपये थमाए। इसी समय एंटी करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर भैयालाल अपनी टीम और डीएम के भेजे गए दो गवाहों को लेकर कार्यालय में पहुंच गए। टीम ने बाबू को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। बाबू को गिरफ्तार करके थाने लाया गया। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर ने बताया कि छह सदस्यीय टीम ने पेंशन कार्यालय के बाबू आरएस प्रजापति को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बुधवार को आरोपी को मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हर काम का पैसा फिक्स
ब्रजेश ने बताया कि पेंशन दफ्तर में बड़े बाबू की मर्जी के बगैर कोई काम नहीं होता है। यह बाबू आठ-नौ साल से यहां जमा हुआ है। उसने हर काम का पैसा फिक्स कर रखा है। आफिस में बाबू का आतंक है। उसके कार्यालय में जाने से पहले चपरासी के पास मोबाइल जमा कराया जाता है, ताकि कोई किसी तरह की रिकार्डिंग नहीं कर सके। ब्रजेश ने आरोप लगाया कि बाबू ने कहा था कि उन्हें ऊपर (अधिकारियों को) हिस्सा देना होता है। ऐसे में बगैर पैसे के काम नहीं होगा। उनके ससुर (सुरेशचंद्र) डायबिटीज के मरीज हैं। वे कई बार चक्कर काटकर थक गए थे मगर पेंशन नहीं बनाई गई।
शिक्षक नेता ने मुझे फंसाया
देवरिया के मूल निवासी आरोपी बाबू आरएस प्रजापति ने बताया कि उसे शिक्षक नेता (ब्रजेश दीक्षित) ने रिश्वत लेने के आरोप में झूठा फंसाया है। सुरेशचंद्र की फाइल 10 दिन पहले ही पूरी करके भेजी जा चुकी है। ऐसे में इस मामले में पैसा कैसे लिया जा सकता है। उक्त शिक्षक नेता 2013 में बीएसए आफिस में वित्त एवं लेखाधिकारी आरएस मौर्या को भी इस तरह पकड़वा चुका है।
पहले दरोगा, अब बाबू
सात दिन पहले ही विजिलेंस टीम ने दरोगा सुधीर को 70 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इसके बावजूद सरकारी महकमों ने कोई सबक नहीं लिया। अब एंटी करप्शन ने बाबू को पकड़ लिया।