एत्मादपुर तहसील
में थीम पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव 2012-13 में आया था। एसआईटी से जुड़े
सूत्रों ने बताया कि शैलेंद्र ने उसी दौरान अपने नौकरों के नाम करोडो़ की
जमीन खरीदी। इसके बाद जब अधिगृहण हुआ था इस जमीन का सर्किल रेट का चार गुना
मुआवजा मिला। यह पैसा शैलेंद्र ने शेयर में लगाया।
उसकी एग्रोटेक
प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी का भी पता चला है। इसमें उसका शेयर लगभग
21 करोड़ है। पुलिस इसकी भी डिटेल निकलवा रही है। इसके अलावा एत्मादपुर
तहसील से अधिगृहण से पहले हुए बैनामों का रिकार्ड मांगा गया है। एसआईटी के
पास यह भी जानकारी है कि शैलेंद्र ने अपने नौकरों के अलावा और भी जमीन खरीद
रखी है।
नौकरों ने पूछताछ में इसकी जानकारी दी है। अब शैलेंद्र का
रिमांड मिलने पर उससे इस बारे में सवाल जवाब किए जाएंगे। एसआईटी की तैयारी
उसके खिलाफ चार्जशीट हो जाने के बाद उस पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
करने की है। चार्जशीट में उसके नौकर भी शामिल होंगे। इसके बाद जालसाजी से
अर्जित की गई उसकी संपत्ति जब्त की जाएगी।