सुसाइड केस से सन्न रह गई सीताराम कालोनी
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सुबह के छह बजे थे। थोड़ी देर पहले ही चित्रा सोकर उठी थी। सौरभ की आंख भी तभी खुली थी। दोनों बेटे अभी नींद में ही थे। चित्रा ने सौरभ से कहा कि बच्चों का ख्याल रखना, वह दूध लेने जा रही है। उसे जरा भी एहसास नहीं था कि पति के मन में क्या चल रहा है?
6:15 बजे वह घर से निकली थी। 15 मिनट बाद ही लौट आई। इसी बीच उसकी दुनिया लुट गई। सुहाग छिन गया। पति फांसी के फंदे पर पंखे से लटका था। वह जोर से चीखी। बच्चों की भी आंख खुल गई। चित्रा रोए जा रही थी। दोनों बेटे पूछ रहे थे, पापा को क्या हो गया? वह शायद चित्रा के घर से बाहर जाने का इंतजार ही कर रहा था। उसे शायद यह लग रहा होगा कि उसके सामने सुसाइड करेगा तो वह उसे रोक लेगी। सुबह जब उसके सुसाइड की खबर मिली, तो पूरी कालोनी सन्न रह गई। भीड़ जमा हो गई। सौरभ के भाई केशव ने बताया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि ऐसा कैसे हो गया। फोन से सूचना मिली की कि सौरभ ने सुसाइड कर लिया है। वह तुरंत भागकर पहुंचे। उधर, स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम में मौत की वजह हैंगिंग (लटकना) ही आई है। मतलब उसने सुसाइड किया।