15 मई की रात को मथुरा में शहर के बीचोंबीच दो सराफों की हत्या कर चार करोड़ का सोना लूटने वाले छह बदमाशों को पुलिस ने शनिवार की सुबह चौबियापाड़े से मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। इनमें गैंग का सरगना राकेश उर्फ रंगा और उसके दो भाई नीरज और कामेश उर्फ चीनी हैं। कामेश का साला विष्णु और उसका साथी आदित्य भी वारदात में शामिल थे। मुठभेड़ के दौरान राकेश और नीरज को गोली लगी है। दो इंस्पेक्टरों समेत आठ पुलिस वाले भी घायल हैं।
बता दें हत्या और लूटकांड को अंजाम देने वाले इन बदमाशों ने पूरी प्लानिंग कर रखी थी। उन्हें उम्मीद थी कि वह पुलिस पकड़ में नहीं आएंगे। लेकिन सराफ की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के चलते वह पुलिस के फंदे में फंस गए। वारदात के दौरान की जिस सीसीटीवी फुटेज से पूरे प्रदेश में हल्ला मचा वह फुटेज सभी बदमाशों के मोबाइल तक भी पहुंच गई थी।
सीटीवी फुटेज में एक बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद दुकान में लगा एलसीडी तोड़ते नजर आ रहा है। एलसीडी को सीसीटीवी समझकर बदमाशों ने तोड़ा था। सेटअपबॉक्स को सीसीटीवी का स्टोरेज बाक्स समझकर फेंक दिया था। वायरिंग भी यही सोचकर उखाड़ी गई थी। लेकिन यहीं वे चूक कर गए।
सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद टीवी देखकर और अखबार पढ़कर भी पुलिस घटनाक्रम की जानकारी बदमाश कर रहे थे। गिरफ्तार आयुष ने मीडिया के सामने कहा कि उसने किसी को गोली नहीं मारी है। वह तो केवल हाथ से पीट रहा था। आयुष ने कहा कि आप लोग सीसीटीवी फुटेज देख लीजिए। मैं कहीं गोली चलाता नहीं दिख रहा हूं। गोली चलाने वाले तो बाहर के बदमाश थे। बताया जाता है कि फुटेज सामने आने के बाद बदमाशों में झगड़ा भी हुआ था।