सदर के देवरी रोड पर किराये पर रहने वाला सराफ परिवार दर्जनों लोगों के लाखों के जेवरात और नगदी लेकर रफूचक्कर हो गया। इस परिवार की सदर इलाके में सराफ की तीन दुकानें थीं। रविवार को दो दर्जन लोगों ने थाने में तहरीर दी।
सराफ और उसके दो बेटों की की दो सालों से सेवला, नगला जस्सा और बुंदू कटरा में दुकानें हैं। इस कारण आसपास के लोगों का उन पर विश्वास था। नगला जस्सा के पुष्पेंद्र सिंह चाहर ने बताया कि उनके 1.20 लाख रुपये सराफ पर बकाया थे। उन्होंने आभूषण बनवाने के लिए रुपया दिया था। प्रमोद के 40 हजार रुपये, नगला जस्सा के सुनील के 70 हजार रुपये, डेयरी संचालक ग्वालियर रोड निवासी संजय शर्मा के 50 हजार रुपये बकाया था। सराफ और उनके दोनों बेटों ने कई लोगों को 18 जून तक हिसाब करने का वायदा किया था, लेकिन इसके पहले ही परिवार के सदस्य घर खाली करके रफूचक्कर हो गए। भाजपा नेता गोविंद चाहर ने बताया कि सराफ ब्याज पर भी पैसा उठा लेता था। इसमें भी लोगों की रकम फंसी हुई है। रविवार को नेमीचंद, लक्ष्मी देवी, मीना देवी, शोभा गुप्ता, धर्मवीर सिंह, विक्रम, रीना गुप्ता, संजय पांडेय, रतन देवी समेत दो दर्जन लोगों ने तहरीर दी। इंस्पेक्टर सदर ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया है।
शाहगंज से भी भाग चुका है एक सराफ परिवार
केदार नगर निवासी सराफ श्याम सुंदर वर्मा, उसका भाई महेश, बेटे बृजेश, जगमोहन और मनीष 11 फरवरी को लोगों के करोड़ों की नगदी और जेवरात लेकर फरार हो गए थे। उनकी कन्हैया लाल एंड संस ज्वैलर्स के नाम से फर्म थी। हालांकि बाद में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को मुंबई से पकड़ा था। मगर, उनसे लोगों की रकम बरामद नहीं कर सकी।