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संजीव रस्तोगी पर बढ़ाई गई लूट की धारा

Fri, 01 Jul 2016 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
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राजकुमार से लूटे गए थे प्रापर्टी के कागजात और मोबाइल - फोटो : file photo
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भरतपुर हाउस गोलीकांड में मारे गए जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी की हत्या में नामजद सराफ संजीव रस्तोगी पर गुुरुवार को लूट की धारा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई राजकुमार की पत्नी निर्मला के बयान के आधार पर की है। उन्होंने पुलिस को बुधवार को बताया था कि संजीव उनके पति से प्रापर्टी के कागजात और मोबाइल फोन लूटकर ले गए थे। 
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निर्मला ने लिखकर 4.5 पन्नो का बयान पुलिस को दिया है। इससे पुलिस को संजीव के खिलाफ कई साक्ष्य मिल गए हैं। इसी से पुलिस की इस थ्योरी को बल मिला है कि संजीव ने ही राजकुमार को गोली मारी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से यह तो देख लिया था कि  राजकुमार के घर से संजीव कुछ कागजात ले गया था। निर्मला के बयान से साफ हुआ कि ये कागजात प्रापर्टी के थे। इन्हें संजीव लूटकर ले गया था। इसी के आधार पर धारा बढ़ाई गई है। 
संजीव पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस को अब पर्याप्त आधार मिल गया है। बता दें, संजीव ने अपने मजिस्ट्रेटी बयान में कहा था कि राजकुमार ने उसे दो गोली मारकर खुद को एक गोली मारी। लेकिन घटना की चश्मदीद निर्मला के बयान से कहानी बदल गई है। हालांकि पुलिस इस बारे में अधिकारिक रूप से कुछ नहीं बता रही है।
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पहले राजकुमार ने चलाई थी गोली
निर्मला के बयान से घटनाक्रम भी साफ हो गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि निर्मला के मुताबिक ,संजीव और उनके पति में झगड़ा हुआ था। संजीव ने कागज पर कोठी समेत उनकी तमाम प्रापर्टी लिखवा ली थी। इसके बाद वह इन कागजात को लेकर भागने लगा। इस पर राजकुमार ने संजीव की टांग पर फायर किया। गोली उसकी पीठ पर लगी। इसके बाद संजीव ने राजकुमार को गोली मारी। इस बयान पर सवाल यह उठ रहा है कि क्या संजीव को सेल्फ डिफेंस में गोली चलाने का फायदा मिलेगा? लेकिन पुलिस का कहना है कि ऐसा नहीं होगा। इसके लिए विधि विशेषज्ञों की राय ली जा चुकी है। उन्होंने बताया है कि अगर किसी व्यक्ति से जान और माल का भीषण खतरा उत्पन्न हो गया हो तो धारा 103 में उस पर गोली चलाई जा सकती है। पुलिस का कहना है कि जिस तरह संजीव रस्तोगी राजकुमार की तमाम प्रापर्टी के कागजात लेकर भागा, ऐसी परिस्थिति में अपनी संपत्ति की रक्षा के लिए गोली चलाना अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। दूसरा उस व्यक्ति के गोली चलाने को सेल्फ डिफेंस नहीं माना जाता, जिससे खुद जान या माल का खतरा हो। 
क्या है धारा 103
वरिष्ठ अधिवक्ता अभय कुमार पाठक ने बताया कि अगर किसी से जान या माल का भीषण खतरा उत्पन्न हो गया हो तो धारा 103 के तहत उस पर गोली चलाना अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। 
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- साक्ष्यों के आधार पर राजकुमार लालवानी की हत्या के केस में लूट की धारा बढ़ा दी गई है। पुलिस इसकी विवेचना कर रही है - सुशील घुले ( एसपी सिटी)
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