शव कुएं में दबाया, दूसरे दिन की खोदाई में बरामद हुई लाश
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पार्वती गांव से लापता चल रहे किसान लाखन सिंह का शव बुधवार को कुएं से बरामद किया गया। पहले से शक था कि उनकी हत्या कर शव कुएं में दबा दिया गया है। मंगलवार से ही इसकी खोदाई कराई जा रही थी। लाश मिलते ही ग्रामीणों ने शव रखकर प्रदर्शन कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ सात लाख के लिए हत्या का केस दर्ज कराया गया है।
26 अक्तूूबर को लाखन सिंह गांव के ही भूपेंद्र सिंह के साथ जमीन का बैनामा करने के लिए तहसील गए थे। उसके बाद उन्हें भूपेंद्र सिंह, जनक सिंह और हरेंद्र के साथ भूपेंद्र के कुएं के पास बैठे देखा गया था। घर न लौटने पर पुत्र प्रेम सिंह ने बाह थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
छानबीन में प्रेम सिंह को पता चला कि बैनामा के बाद मिले सात लाख रुपये भूपेंद्र ने अपने पास रख लिए थे। मंगलवार को कुएं में मिट्टी डाले जाने पर परिजनों को शक हुआ तो बाह पुलिस ने जेसीबी से कुंए की खोदाई कराई। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बुधवार को लाखन सिंह का शव बाहर निकाला गया। शव को देखते ही परिवारीजन और ग्रामीण गुस्से में आ गए। बाह पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। सीओ बाह एनके चौधरी के समझाने और कार्रवाई के आश्वासन पर गुस्सा शांत हुआ।
प्रेम सिंह की तहरीर पर बाह पुलिस ने भूपेंद्र सिंह, जनक सिंह और हरेंद्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के घर पर धरपकड़ के लिए दबिश दी है। पूर्व विधायक मधुसूदन शर्मा भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। एसपी पूर्वी ने भी मामले की पड़ताल की।
दोस्त बन गया दुश्मन
बाह। लाखन सिंह का दो बीघा खेत भूपेंद्र सिंह के पास गिरवी रखा था। उसे बचाने के लिए उसने अपनी एक बीघा जमीन बेची थी। बैनामा राजू चौहान के हक में किया गया था। गवाह के तौर पर श्याम पंडित और महावीर सिंह के नाम दर्ज हैं। लाखन सिंह के लापता होने के बाद छानबीन में परिजनों को पता चला कि साढे़ चार लाख और ढाई लाख रुपये भूपेंद्र सिंह को दिए थे। सात लाख के लालच में ही भूपेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिल कर लाखन सिंह को ठिकाने लगा दिया।