शनिवार को रोहता नहर पर चेकिंग कर रही खनन विभाग की टीम पर रेत माफिया ने हमला बोल दिया। सिपाहियों को पीटने के बाद उन्हें भगाने के लिए जमकर पथराव किया। सिपाहियों ने साहस दिखाते हुए ट्रैक्टर चालक को दबोच लिया। इस मामले में छह नामजद समेत अन्य हमलावरों के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया है।
खनन निरीक्षक एसके पांडेय टीम के सिपाही राजीव, राहुल और सत्येंद्र के साथ शनिवार की करीब पांच बजे रोहता नहर के पास चेकिंग कर रहे थे। तभी देवरी रोड की ओर से आ रही रेत से लदी ट्रैक्टर ट्राली को टीम ने रोक लिया। इस पर ट्रैक्टर चालक देवरी, सदर निवासी गजेंद्र टीम से भिड़ गया। उसने कागज दिखाने से इनकार कर दिया। फोन कर अपने साथियों को बुला लिया। गजेंद्र के 10-15 साथी लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। उन्होंने खनन टीम पर हमला बोल दिया। खनन निरीक्षक को चोटें आई हैं। हमलावर ट्रैक्टर को छुड़ाकर ले जाने लगे। इस पर सिपाहियों ने चालक को दबोचकर ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। सूचना पर पुलिस के आते ही हमलावर भागने गए। खनन निरीक्षक ने गजेंद्र, राजू, राकेश, दिनेश, संतोष और पंकज और उनके 10-12 अज्ञात साथियों के खिलाफ बलवा, मारपीट, पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर सदर ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
भंडारण से लग सकती है अवैध खनन पर लगाम
खनन ठेकेदार और विभाग के लोगों की मानें तो अवैध रूप से चल रहे खनन कार्य पर भंडारण से बहुत हद तक लगाम कसी जा सकती है। बरसात के मौसम में खनन बंद हो जाता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से भंडारण का लाइसेंस दिया जाता है। लेकिन जिले में भंडारण अब बहुत कम ही किया जाता है। यही कारण है कि आए दिन खनन को लेकर विवाद होते हैं।