मथुरा रिफाइनरी में 100 करोड़ का तेल चोरी किए जाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को आगरा के पेट्रोल पंप व्यवसायी मनोज गोयल की भी तलाश है। उसे फरार बताया गया है। उसके पंपों पर चोरी का तेल बेचा जा रहा था। उसके खिलाफ पहले भी केस दर्ज बताए गए हैं। पुलिस उसकी पूरी कुंडली खंगाल रही है। उसके पास फिरोजाबाद के जीडी गोयंका स्कूल की फ्रेंचाइजी भी है।
इस मामले में अभी और भी कई रसूखदारों के चेहरों से नकाब उठ सकता है। फिलहाल तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें आगरा के खंदारी रोड का रहने वाला पेट्रोल पंप मालिक तरविंदर जीत सिंह उर्फ मिन्नी भी शामिल है। उसके शहर में दो पेट्रोल पंप हैं। इस रैकेट में कुल 17 लोगों के नाम अभी सामने आ गए हैं। इनमें से मनोज गोयल समेत 14 फरार हैं। अन्य आरोपी मथुरा और फरीदाबाद के हैं। मामला पेट्रोलियम एवं पाइप लाइन अधिनियम 196, लोक सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने और विस्फोटक अधिनियम एवं तेल चोरी की धाराओं में दर्ज किया गया है।
तीन इंस्पेक्टर, दो एसआई शक के घेरे में
मथुरा। तेल चोरी में दो इंस्पेक्टर, दो एसआई और चार सिपाही अब तक शक के घेरे में हैं। इसमें वह इंस्पेक्टर और एसआई शामिल हैं जो मथुरा में थानाध्यक्ष और इलाका इंचार्ज रह चुके हैं। राम हरी से हुई पूछताछ के बाद एसएसपी ने उनके खिलाफ जांच बैठा दी है।
दरोगा की स्कार्पियो से घूमता था राम हरी
मथुरा। एसएसपी मोहित गुप्ता ने प्रेस वार्ता में बताया कि 2013 में मथुरा में स्वाट टीम प्रभारी रहे दरोगा प्रदीप कुमार यादव से राम हरी चौधरी के संबंध होने की बात सामने आ रही है। प्रदीप कुमार अब बरसाना में तैनात हैं। रामहरी से जो स्कार्पियो बरामद हुई है वह भी दरोगा प्रदीप कुमार की बताई जा रही है। गाड़ी पर पुलिस लिखा है। पुलिस ने चुनाव में राम हरी की पिस्टल भी जमा नहीं करवाई।
रिफाइनरी के अफसर भी जांच में फंसे
मथुरा । एसएसपी मोहित गुप्ता ने कहा कि रिफाइनरी वालों की भूमिका भी संदिग्ध है। पाइप लाइन में उसी वक्त वाल्व लगाया जा सकता है जिस वक्त पाइप लाइन बंद हो। इससे साफ है कि रिफाइनरी से ही कोई पाइप लाइन बंद होने का समय तेल चोरों को बता रहा था। अगर ऐसा नहीं होता तो तेल चोरी किया ही नहीं जा सकता था।
मिर्जापुर में हो चुका है मर्डर
मथुरा। एसएसपी ने बताया कि मिर्जापुर निवासी तकनीशियन टैंकर भी चलाता था। वहां भी तेल चोरी की गई। राम हरी वहां से सुरक्षित भाग निकला। तेल चोरी के लिए जिन लोगों के नाम उसने प्लाट खरीदे थे, वे फंस गए। राम हरी जिस जमीन पर तेल चोरी करता था, उसके बैनामा मेें अपना असली नाम-पता नहीं लिखता था।
ऐसे चला तेल चोरी का खेल
--। तेल चोरी के लिए बनाई गई सुरंग को फरीदाबाद के इंजीनियर ने अट्ठारह लाख रुपये लेकर डिजाइन किया था।
--। राम हरी चौधरी ने फरीदाबाद के तकनीशियन चेतन, गैमा, राम उर्फ सोनू, रवि उर्फ विद्दी और मिस्त्री को 18 लाख रुपया दिए थे।
--। सुरंग बनाने और लाइन में नीचे वाल्व फिट करने में पांच लोगों को तीन महीने का समय लगा।
सोनू और रवि रात में सुरंग खोदते और मिट्टी को निकट के खाली प्लाटों में फेंक देते।
--। सुरंग बनाने और तेल चोरी के दौरान वाल्व चालू करने और बंद करने के लिए आपस में बात करने को पाइप लगाया हुआ था।
--। इसी पाइप से रवि और सोनू के लिए सुरंग में आक्सीजन भी सप्लाई की जाती थी।