न्यू आगरा की इंद्रपुरी कालोनी में शुक्रवार रात आधा दर्जन बदमाशों ने विद्युत विभाग के रिटायर्ड अधिकारी के घर डकैती डाली। चार बदमाश ड्रिल मशीन व कटर से ताले काटकर घर में घुसे। इसके बाद बुजुर्ग दंपति को बंधक बनाकर एक घंटे तक लूटपाट की। बदमाश चार लाख रुपये के जेवरात और 1.20 लाख की नगदी लूट ले गए। सूचना के साढ़े चार घंटे बाद पुलिस पहुंची।
इंद्रपुरी में रहने वाले आरएन गुप्ता यूपी पावर कारपोरेशन में चीफ एकाउंट आफिसर थे। 14 साल पूर्व वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वह पत्नी सुषमा देवी के साथ रहते हैं। बड़ा बेटा अनिल बड़ौदा में तो छोटा आशू अमेरिका में इंजीनियर हैं। गुप्ता ने बताया कि रात लगभग दो बजे उन्हें दरवाजे पर मशीन चलने की आवाज आई। वह कमरे से बाहर आए। पत्नी सुषमा अंदर वाले कमरे में सो रही थीं। उनके बाहर निकलते ही बदमाशों ने उनका मुंह दबा दिया। शोर मचाने पर तमंचे से गोली मारने की धमकी दी। बदमाशों ने कैश के बारे में पूछा। इसके बाद बदमाश उन्हें स्टोर वाले कमरे में ले गए, यहां अलमारी में रखे 1.20 लाख रुपये कैश लूट लिया। इसके बाद बदमाशों ने पत्नी के कमरे का गेट खुलवाने को कहा। आनाकानी करने पर धमकाने लगे।
बदमाशों की आवाज सुनकर कमरे में मौजूद सुषमा माजरा समझ गईं। उन्होंने कंट्रोल रूम (100) नंबर पर कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठा। इस पर घबराहट में उन्होंने गेट खोल दिया। बदमाशों ने सुषमा देवी से चाबी मांगी। दहशत के कारण उन्होंने चाबी दे दी। बदमाशों ने एक अलमारी खोली और दूसरी का ताला तोड़कर चार लाख रुपये से अधिक के जेवरात लूट लिए। बदमाश घर के दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद करके भाग निकले। बताया गया कि बदमाशों के दो साथी बाहर खड़े निगरानी कर रहे थे, क्योंकि उनके पास दो बार फोन भी आए। तकरीबन 3:45 बजे गृहस्वामिनी ने पार्षद सरिता अग्रवाल को फोन किया।
100 नंबर पर किया फोन, पर नहीं उठा
सुषमा देवी ने बताया कि रात दो बजे उन्होंने मोबाइल से 100 नंबर पर दो बार कॉल किया, घंटी जाती रही लेकिन कंट्रोल रूम में कोई फोन नहीं उठाया। इसके बाद 3:45 बजे पार्षद को फोन किया। सुबह चार बजे एसएसपी आवास पर फोन किया गया। इसके बाद भी थाना पुलिस साढ़े छह बजे मौके पर पहुंची।
लॉकर से निकाले थे जेवर
सुषमा ने बताया कि वे जेवर लॉकर में रखती हैं। एक माह पहले भतीजे के यहां शादी थी। इसलिए लॉकर से जेवर निकाल कर लाई थीं। कैश भी वह दो दिन पहले बैंक से निकालकर लाए थे। उन्हें घर में कुछ मरम्मत का काम कराना था।
दो दिन पहले मजदूरों ने देखा था घर
घर की मरम्मत के लिए दो दिन पहले मजदूर आए थे। उन्हें दिखाया गया था कि कहां मरम्मत होनी है। इसके बाद पुलिस ने मजदूरों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।