राकेश उर्फ रंगा और उसके भाइयों ने चौबियापाड़े में बंद पड़े कई मकानों पर कब्जा कर लिया था। मकान मालिकों ने पैसा देकर अपना मकान खाली कराया है। इस तरह से दस से भी ज्यादा मामले हैं। इलाके में इन लोगों की इस कदर दहशत थी कि इनके खिलाफ कोई बोलता तक नहीं था।
पुलिस से भी शिकायत इनके खिलाफ नहीं की जाती थी। जिस मकान से पुलिस ने शुक्रवार की रात को इन्हें गिरफ्तार किया है वह उत्तमराम बालकराम नागर का मकान है। उत्तमराम कहीं बाहर रहते हैं। इस मकान में रंगा अपने साथियों को लेकर घुस गया था। घर पर केवल महिलाएं ही थीं।
महिलाओं को इस कदर डराया कि वह विरोध नहीं कर सके। महिलाओं को तमंचा दिखाकर खाना और नाश्ता तैयार कराया जा रहा था। पहले तो पुलिस इस परिवार की महिलाओं को भी थाने ले आई थी। लेकिन जब हकीकत पता चली तो पुलिस ने इन्हें छोड़ दिया था।