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जाली टिकट का सौदागर हत्थे चढ़ा

Fri, 27 Nov 2015 01:48 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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रेलवे के जाली टिकट छापकर बेचने वाले जालसाज सतेंद्र कुमार सिकरवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गिरफ्तार किया है। वह हफ्ते में दो बार आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आगरा कैंट से निजामुद्दीन और बरेली की ट्रेनों की टिकट कंप्यूटर से स्कैन करके नंबर बदलकर बेचता था। उसके पास से काफी संख्या में आरक्षण फार्म भी मिले हैं। वह आरक्षण में भी दलाली करता था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा गया है।
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खेरागढ़ के चीत गांव का रहने वाले सतेंद्र सिंह सिकरवार की कागारौल कस्बे में कंप्यूटर की दुकान है। आरपीएफ के इंस्पेक्टर आनंद कुमार ने बताया कि सतेंद्र तकरीबन डेढ़ साल से रेलवे के फर्जी टिकट छापकर बेचने का काम कर रहा था। बुधवार और रविवार को दिल्ली जाने वाले यात्रियों का दबाव ज्यादा रहता है। ऐसे में सतेंद्र इन दो दिनों में स्टेशन पर आता था। वह फर्जी टिकट लेकर टिकट विंडो के पास खड़ा हो जाता था। जब वह देखता था कि लाइन ज्यादा लंबी हो गई है और कई लोगों को टिकट नहीं मिल पाएगा तो वह ऐसे लोगों से संपर्क करके कहता था कि उसके पास टिकट है, लेकिन अब उसका कार्यक्रम कैंसिल हो गया है। इसके बाद वह टिकट बेचकर दाम कमाता था। वह कागज की एक शीट पर आठ टिकट छापता था, उनके नंबर बदल देता था। उसके पास से बरामद टिकट आगरा कैंट-निजामुद्दीन की मिली हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि वह बरेली की टिकट भी छापता था।
सतेंद्र के पास भरे हुए दो आरक्षण फार्म के अलावा कई खाली फार्म भी मिले हैं। उसके पास से दो आरक्षित टिकट और सामान्य श्रेणी के 24 फर्जी टिकट बरामद किए गए हैं। उसकी दुकान पर छापा मारकर पुलिस ने कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर आदि बरामद किया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरपीएफ की टीम में सब इंस्पेक्टर निरंजन सिंह व एएसआई हरीशचंद्र शामिल थे।
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जाली नोट छापने की तैयारी में था
आरपीएफ के सूत्रों ने बताया कि सतेंद्र की दुकान पर छापेमारी के दौरान आरपीएफ के हाथ एक सौ रुपये के कुछ जाली नोट भी लगे हैं। वहीं एक शीट पर जाली नोटों की फोटोकापी भी मिली है। सतेंद्र ने पूछताछ में बताया कि उसने दो साल पहले आधार कार्ड बनाने का काम किया था। तब उसे स्कैनिंग की अच्छी जानकारी हो गई। इसके बाद उसने रेलवे टिकट फर्जी छापकर खुद यात्रा करके देखा। जब उसे रेलवे की विजिलेंस ने चेक नहीं किया तो वह टिकट बेचने का काम करने लगा। उसने बताया कि टिकट के बाद अब वह नकली नोट छापने की तैयारी में लगा था, लेकिन नोट की छपाई में सफाई नहीं आ पा रही थी।
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