ऊधम सिंह नगर के आवास विकास सेक्टर चार में 23 मई की रात साफ्टवेयर इंजीनियर निर्मल सिंह की हत्या कर जेवरात लेकर फरार हुई उनकी दुल्हन तारा पुलिस के हत्थे चढ़ गई है। उसकी तलाश में आगरा पुलिस आठ दिनों तक रुद्रपुर में भटकती रही, जबकि वह मिली काशीपुर के आवास विकास में। यहां वह नाम बदलकर अपने प्रेमी और भाई के साथ छिपी थी। पुलिस ने इन दोनों को भी हिरासत में ले लिया।
दिल्ली में साफ्टवेयर इंजीनियर रहे निर्मल का अपनी पहली पत्नी दीप्ति से तलाक हो गया था। बेटे भारत की देखभाल के लिए उसने तारा से 22 मई को देहरादून में शादी की थी। 23 की रात उसने सुहाग सेज पर ही निर्मल को दूध में जहर देकर मार डाला। भारत को दूध में नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद जेवरात लेकर फरार हो गई थी। पुलिस ने शादी कराने वाले बिचौलियों को पकड़ा। उनके जरिये तारा तक पहुंच पाई ।
कई बार बदल चुकी नाम
आगरा। उसने निर्मल सिंह सोलंकी से शादी करते समय अपना नाम बताया था तारा। पता रुद्रपुर। काशीपुर में किराए पर रह रही थी सीमा चौहान के नाम से। इससे पहले उसने अपना नाम रख रखा था रूबीना। पुलिस का कहना है कि वह इससे पहले भी नाम और ठिकाने बदलती रही है। वह मूल रूप से काशीपुर बैलजुड़ी की रहने वाली है। उसका पिता मोहम्मद अली हैं।
पूछताछ में होंगे कई खुलासे
आगरा। पुलिस को उम्मीद है कि तारा से पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं। उसके बारे में जानकारी मिली है कि वह कई लोगों को शिकार बना चुकी है। यह भी मालूम किया जाएगा कि उसने इस तरह वारदात की ट्रेनिंग किससे ली?
प्रेमी और भाई भी रहे शामिल
आगरा। पुलिस ने बताया कि तारा ने निर्मल सिंह की हत्या का जुर्म स्वीकार किया है। उससे पूछताछ के हवाले से पुलिस ने बताया कि 23 मई की रात वह प्रेमी और भाई के साथ ही आगरा से भागी थी। वे पहले ही आवास विकास पहुंच गए थे। हालांकि बाद में उसने कहा कि वह अकेली वहां से आई थी।
पोटली में रखती है जहर की पुड़िया
आगरा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तारा के पास से एक पोटली मिली है। वह इसी में जहर और नशीले पदार्थ की पुड़िया रखती है। जिसे शिकार बनाना हो, उसे दूध या चाय में मिलाकर जहर या नशीला पदार्थ दे देती है। पुलिस उसे लेकर आगरा के लिए रवाना हो चुकी है।