राकेश उर्फ रंगा ने पुलिस वालों पर भी अपना रंग चढ़ा रखा था। पुलिस वालों के लिए पार्टियां देता था। बताया गया कि तमाम शिकायतों के बाद भी पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती थी।
चौबियापाड़ा का रहने वाला राकेश यूं ही अपराध की दुनिया का एक बड़ा नाम नहीं बन गया। उसने नए लड़कों को अपने गैंग में शामिल कर लिया था। उनको असलहे उपलब्ध कराया करता। पुलिस में भी रंगा की खासी पहचान थी।
उसके घर पर पुलिस वाले आया करते थे लेकिन कभी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई। बताया जाता है कि पूर्व में अफसरों से भी शिकायत की गई थी कि रंगा के कई पुलिस वालों के साथ गहरे रिश्ते हैं। लेकिन इन शिकायतों की जांच भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई थी।
अगर उसके गहरे संबंध न होते तो बीस से ज्यादा मुकदमों में नामजद रंगा कभी का गिरफ्तार हो गया होता। उसकी गिरफ्तारी पर इनाम था लेकिन पुलिस ने फिर भी नहीं पकड़ा।