धौर्रा गांव में लेनदेन के विवाद में 25 जनवरी की रात दो पक्षों में हुई जबरदस्त फायरिंग में दोनों ओर से एक- एक व्यक्ति की मौत हो जाने के मामले में पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। दोहरे हत्याकांड में दोनों ओर से केस दर्ज कराया गया है। इनमें 12 लोग नामजद हैं। घटना के बाद दोनों पक्षों के पुरुष गांव छोड़कर भाग गए हैं। माना जा रहा है कि वे रिश्तेदारी में जाकर छिप गए हैं। पुलिस उनकी तलाश गांव में ही कर रही है।
इस खूनी संघर्ष में 60 राउंड फायरिंग की गई थी। इसमें प्रधान पक्ष की ओर से प्रधान उर्मिला के भतीजे केशव और दूसरे पक्ष से मुरारी की जान गई थी। मुरारी पक्ष पर केशव की लाश को गली में घसीटने का भी आरोप लगा था। वारदात तब हुई थी, जब दोनों पक्ष के बीच बैठक चल रही थी। मुरारी पक्ष केशव से उधार रकम देने के लिए कह रहा था।
एफआईआर में केशव पक्ष की ओर से मुन्नालाल ने होतम सिंह पुत्र ज्वाला प्रसाद, सत्तो पुत्र मोहकम सिंह, सुभाष पुत्र अमर सिंह, लल्ला पुत्र नेहने सिंह, सुल्तान सिंह पुत्र सूर्यभान को नामजद कराया है। मुरारी पक्ष से उसके भाई चंद्रभान ने ओमी, कुंवर सिंह, गुरुनाम पुत्रगण नाथूराम, रघुवीर, विजेंद्र पुत्रगण भंवर सिंह, मोहकम सिंह पुत्र अतर सिंह, डल्ली पुत्र सोने सिंह के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, डबल मर्डर में इस्तेमाल किए गए असलाह का भी पुलिस पता नहीं कर पाई है। गांव वालों की मानें तो फायरिंग में लाइसेंसी के साथ अवैध असलाह भी इस्तेमाल किए गए थे।
गांव में पसरा सन्नाटा
दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में सन्नाटा है। 26 जनवरी की शाम राज्यमंत्री रामसकल गुर्जर गांव पहुंचे। वह दोनों मृतकों की अंत्येष्टि में शामिल हुए। दोनों के शवों का उनके खेतों में अंतिम संस्कार किया गया। सपा जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव तथा जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
पुलिस के साथ पीएसी तैनात
दोनों पक्षों में तनाव के कारण गांव में पुलिस के साथ पीएसी को भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी भी नजर रखे हुए हैं। दोनों पक्षों के लोगों के नाम-पते पुलिस ने नोट किए हैं। माना जा रहा है कि इन्हें मुचलकों में पाबंद किया जाएगा।