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कातिलों की तलाश, अंध्ाेरे में तीर चला रही पुलिस

Tue, 16 Feb 2016 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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निशाने पर लग गया तो तीर, नहीं लगा, तो तुक्का, कुछ इसी अंदाज में चल रही है सतेंद्र सिंह के कातिलों की तलाश। विवि कर्मी की हत्या मामले में पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली हैं। चार दिन बाद भी एक साथ कई लाइन पर काम किया जा रहा है। जाहिर है पुलिस के पास कोई ऐसी लाइन नहीं, जिससे सुराग मिलने की पूरी उम्मीद की जा सके। विश्वविद्यालय कर्मचारियों से सवाल जवाब किए जा चुके हैं। अब सतेंद्र के परिवार से फिर से पूछताछ की जाएगी। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक कत्ल का मकसद भी साफ नहीं हो पाया है।
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सतेंद्र की हत्या 12 फरवरी की देर शाम की गई थी। उस समय उनके परिवारीजनों ने मैनपुरी, फीरोजाबाद और हाथरस के एक एक कालेज संचालक पर शक जताया है। इन पर सतेंद्र ने फीस जमा कराने के लिए दबाव बना रखा था। इस लाइन पर पुलिस ने पड़ताल की लेकिन सुराग नहीं मिला।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि घटना के बारे में विवि कर्मियों से भी लंबी पूछताछ की गई है। उनसे मालूम किया गया है कि सतेंद्र से कौन कौन परेशान चल रहा था। इससे भी कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके बाद अब परिवार से फिर से सवाल जवाब किए जाएंगे।
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जाहिर है पुलिस अंधेरे में तुक्के के तीर चला रही है। पुलिस को लगता है कि परिवार से ही कुछ ऐसी जानकारी मिल सकती है जिससे कातिलों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
क्राइम ब्रांच समेत कई टीमें लगी हैं, अभी तक कोई सुराग नहीं है लेकिन जल्द ही नतीजा मिलने की संभावना है - डा. प्रीतिंदर सिंह ( एसएसपी )
खंदारी कांड की तरह न उलझ जाए गुत्थी
आगरा। पुलिस को कोई सुराग न मिलने से यह आशंका भी पैदा हो गई है कि कहीं यह वारदात भी खंदारी के ग्रोवर दंपति हत्याकांड की तरह राज बनकर न रह जाए। उस घटना में भी पुलिस की पड़ताल इसी अंदाज में चली थी। पुलिस को शुरू में कोई सुराग नहीं मिला था। बाद में मामला उलझता चला गया। नतीजा यह हुआ कि तीन महीने बीत जाने के बाद भी केस का खुलासा नहीं हो पाया है। उधर, सतेंद्र का परिवार भी मंगलवार को हरीपर्वत थाना जाकर पुलिस से अभी तक की पड़ताल के बारे में जानकारी लेगा।
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