थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी गुजरात और मध्य प्रदेश से 850 किलोमीटर का सफर तय करके आते थे। वह इंदौर से जयपुर होते हुए आगरा सहित आसपास के जिलों में आते थे। इस बार आरोपियों ने बालूगंज में एक गेस्ट हाउस में कमरा लिया था।
रोजाना ऑटो करते थे। इस दौरान चालक से पता करते थे कि कौन सी कॉलोनी में पॉश है। वहीं पर जाते थे। अलग-अलग घूमते थे, जो लोग अपने घर के अलमारी और तिजोरी का ताला बनाने के लिए कहते थे, उन्हें झांसे में लेकर तिजोरी साफ कर देते थे।
दो तरीके अपनाते थे सदस्य
आरोपियों ने बताया कि लोगों की तिजोरी और अलमारी साफ करने के लिए दो तरीके अपनाते थे। एक तरीका लोगों की अलमारी का ताला खोलते समय घायल होने का होता था। इस दौरान दवा मांगने के दौरान जेवरात और कैश चोरी कर लेते थे।
दूसरा तरीका ताले के अंदर चाबी को तोड़ने का होता था। चाबी फंसने पर काफी देर तक लगे रहते थे। इस कारण लोग समझ नहीं पाते थे। मालिक की नजर बचाकर गहने निकाल देते थे।
ताला चाबी गैंग ने दस अक्तूबर को हरीपर्वत के रिंग रोड स्थित विजय नगर में एक मकान में अलमारी का ताला ठीक करने के बहाने चोरी की थी। इस संबंध में थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा कमला नगर और बल्केश्वर में भी वारदात की।
बल्केश्वर में एक महिला को बातों में लेकर गहने उतरवा ले गए थे। फरवरी में एक मकान में चोरी की थी। इसके अलावा भी वारदात की आशंका है। पुलिस गैंग के सदस्यों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।