खेड़ा राठौर के सामरेमऊ गांव में चार जनवरी को श्याम बिहारी के परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को हिस्ट्रीशीटर के गैंग ने अंजाम दिया था। पुलिस ने बाह थाने के हिस्ट्रीशीटर, एक सराफ सहित चार को गिरफ्तार किया है। उनसे लूट का सामान बरामद कर लिया है।
एसपी ग्रामीण नित्यानंद राय ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में नेकसा (प्रथमपुरा, बाह), जनवेद एवं 50 वर्षीय भागीरथ (गांव तरासो, बाह) और मुकेश गुप्ता (फतेहाबाद) हैं। इनके पास से तीन तमंचे, 2060 रुपये, सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। नेकसा थाना बाह का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी उम्र 58 साल है।
उस पर डकैती, अपहरण, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट सहित 21 मुकदमे दर्ज हैं। वह आसपास के इलाके में लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। मुकेश गुप्ता सराफ है। उसने लूट का माल खरीदा था।
जनवेद पर दस मुकदमे दर्ज हैं। चार अभियुक्त फरार हैं। इनमें मनोज (मनभावती पुरा), लट्ठा (मनभावती पुरा), प्रिंस (नगला अर्जुन, जसवंत नगर, इटावा) और ध्रुव (सोनेलाल का पुरा, थाना अटेर, भिंड, एमपी) हैं।
आठ लाख में बेचा खेत
सीओ बाह सत्यम ने बताया कि श्याम बिहारी ने हाल ही में आठ लाख में खेत बेचा था। इसके बारे में गांव के लोगों को पता था। फरार आरोपी मनोज श्यामबिहारी को जानता था। उसके बेटे राजीव के साथ शराब पीता था।
वारदात से एक सप्ताह पहले भी दोनों ने शराब पी थी। इस दौरान राजीव ने उसे बताया कि खेत बेचा है। इसके अलावा सोने के टाप्स खरीदकर लाए हैं। इस पर मनोज ने लूट की योजना बनाई। वारदात करने सात बदमाश आए थे।
नेकसा को भी परिवार के लोग जानते थे। इसलिए वह बाहर ही खड़ा रहा। बाकी लोग अंदर गए। श्यामबिहारी का बेटा राजीव घर पर नहीं था। इस कारण बदमाशों को कोई पहचान नहीं सका।
सिर्फ इतना मिला था कैश
पीड़ित परिवार ने घर से 1.20 लाख रुपये लूटने की जानकारी दी थी। हालांकि बदमाशों ने कैश सिर्फ पांच हजार से ज्यादा नहीं मिलने की बात कही।
मनभावतीपुरा के मनोज के दो रिश्तेदार भी वारदात में शामिल रहे। नगला अर्जुन गांव का प्रिंस रिश्ते में उसका भांजा है, जबकि अटेर का ध्रुव साला है।
डकैती की वारदात के खुलासे के बाद श्याम बिहारी का परिवार सन्न रह गया है। अंकिता और शांती देवी ने बरामद माल की पहचान की है।