दिव्य अपहरणकांड के खुलासे के कई नायक हैं। इनमें से ही एक पिंटू भी हैं। वह टीचर, जो दिव्य के घर के ठीक सामने रहते हैं। उनके घर पर लगे चार सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से ही पुलिस को बदमाशों का सुराग मिला। पिंटू ने ही पुलिस और एसटीएफ को महीने भर की रिकार्डिंग मुहैया कराई। रात-रात भर जागकर इसे खुद देखा। पुलिस को बताया कि इसमें क्या-क्या संदिग्ध नजर आ रहा है। 13 मार्च की रात जब दिव्य का अपहरण हुआ था। उसके तुरंत बाद बदमाशों के पीछे दो लोग भागे थे। एक तो दिव्य की मां मोना थीं, जो कार में थीं। दूसरे, पिंटू जो बाइक से गए। इसके बाद लौटते ही सबसे पहले फुटेज देखे। दिव्य के मिलते ही पिंटू माला लेकर पहुंचे। दिव्य के गले में माला डाली। बता दें, मदिया कटरा रोड पर पुलिस ने 20 सीसीटीवी चेक किए थे। इनमें से 16 बंद मिले थे। चार से ही फुटेज मिल पाए थे। इनमें सबसे स्पष्ट तस्वीरें पिंटू के कैमरों से मिलीं।
बड़े काम की चीज हैं कैमरे
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे बडे़ काम की चीज हैं। अपराधियों का पता लगाने में फुटेज से बड़ी मदद मिलती है। कई मामले इनकी मदद से खुल चुके हैं। फुटेज से न केवल सही जानकारी मिलती बल्कि क्राइम सीन भी सामने आ जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को न केवल कैमरे लगवाने चाहिए, बल्कि इनकी उचित देखरेख भी करनी चाहिए।
‘बोलेरो संदिग्ध है सर’
पिंटू ने ही पुलिस को बताया था कि घटना के समय गुजर रही बोलेरो कार भी संदिग्ध है। शुरू में फुटेज से लग रहा था कि बदमाश बाइक और सफेद रंग की रिट्स कार से आए। लेकिन गौर से देखने पर साफ हुआ कि बाइक सवार बदमाशों ने बोलेरो में बैठे बदमाश को इशारा किया। खुलासा होने पर साफ हो गया कि पिंटू का शक एकदम सही था। बदमाशों के पास बोलेरो मिली है।